इंदौर-देवास बायपास पर सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले लंबे समय से निर्माणाधीन अर्जुन बड़ौद फ्लाईओवर का काम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। फरवरी तक ब्रिज का काम पूरा हो जाएगा और मार्च के अंत तक इसे वाहन चालकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और जिला प्रशासन ने इसे जनवरी 2026 के अंत तक शुरू करने का कहा था। यहां पर कई दिनों तक लगे ट्रैफिक जाम में फंसकर 3 लोगों की जान भी चली गई थी। हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यहां पर दौरा किया था और अधिकारियों को ब्रिज का काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे।
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निर्माण में आई तेजी, फिनिशिंग का काम जारी
हाल ही में बायपास पर ट्रैफिक के भारी दबाव को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा और एनएचएआई के अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी को काम की गति बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए थे। वर्तमान में ब्रिज की मुख्य संरचना तैयार हो चुकी है और डामरीकरण (Bitumen layering) के साथ-साथ अप्रोच रोड को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि यदि मौसम अनुकूल रहा, तो होली के पहले यहां से आवागमन शुरू किया जा सकता है।
ट्रैफिक जाम में फंसकर 3 लोगों की गई थी जान
अर्जुन बड़ौद ब्रिज का निर्माण काल यात्रियों के लिए बेहद कष्टकारी रहा है। पिछले वर्ष जून और सितंबर के दौरान यहां लगे 40 से 50 घंटों के महाजाम ने नेशनल हाईवे की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी थी। सर्विस रोड के धंसने और भारी वाहनों के कीचड़ में फंसने के कारण डकाच्या से लेकर मांगलिया तक वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी रही थीं। इस दौरान हुई दुर्घटनाओं ने भी प्रशासन की सुरक्षा तैयारियों पर सवाल उठाए थे। जाम में फंसकर 3 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधि हरकत में आए थे।
बायपास के इन क्षेत्रों को होगा सीधा लाभ:
देवास-भोपाल रूट: भोपाल और देवास की ओर जाने वाले भारी वाहनों को अब अर्जुन बड़ौद चौराहे पर रुकना नहीं पड़ेगा।
MR-10 जंक्शन: इस ब्रिज के शुरू होने से MR-10 से आने वाले ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
स्थानीय ग्रामीण क्षेत्र: अर्जुन बड़ौद और आसपास के गांवों के रहवासियों को हाईवे पार करने के लिए अब जान जोखिम में नहीं डालनी होगी, क्योंकि स्थानीय ट्रैफिक ब्रिज के नीचे से सुचारू रूप से चल सकेगा।
24 घंटे चल रहा काम
अमर उजाला से बातचीत में सीनियर इंजीनियर रोहित कुमार ने बताया कि फरवरी में ब्रिज का काम पूरा हो जाएगा। होली के पहले यातायात भी शुरू हो जाएगा। 24 घंटे यहां पर काम चल रहा है। कोशिश है कि जितना जल्द हो सके काम पूरा कर लिया जाए। ब्रिज शुरू करने से पहले साइन बोर्ड, लाइटिंग और सुरक्षा रेलिंग का काम अनिवार्य रूप से पूरा किया जा रहा है। सर्विस रोड को भी दुरुस्त किया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में ट्रैफिक बाधित न हो। इस फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद इंदौर बायपास पर यातायात की गति में सुधार होगा और ईंधन व समय दोनों की बड़ी बचत होगी।
