मध्य प्रदेश में लगातार युवतियों के गुमशुदा होने की घटनाओं से हड़कंप मचा हुआ है। कटनी की अर्चना तिवारी नेपाल बॉर्डर से बरामद होने के बाद अब रायसेन जिले की युवती निकिता लोधी भी रहस्यमयी तरीके से लापता हुई और आखिरकार पंजाब में मिल गई। पुलिस ने उसे वहां से दस्तयाब कर लिया है। रायसेन जिले के गैरतगंज के टेकापार की रहने वाली निकिता लोधी 18 अगस्त से लापता थी। उस दिन वह कॉलेज की फीस जमा करने कंप्यूटर शॉप गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास ढूंढने की कोशिश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

19 अगस्त को पुलिस ने केस दर्ज कर निकिता की तलाश शुरू की। इस बीच परिजन बेहद परेशान रहे। उन्होंने भोपाल और रायसेन सहित आसपास के कई शहरों में बेटी की तलाश की और यहां तक कि डीजीपी और सीएम डॉ. मोहन यादव से भी गुहार लगाई कि उनकी बेटी को भी अर्चना तिवारी की तरह गंभीरता से खोजा जाए।

परिजनों की चिंता और बढ़ गई

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CCTV फुटेज और CDR खंगालना शुरू किया। निकिता की लोकेशन कभी पंजाब तो कभी हैदराबाद तक बताई गई, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई। आखिरकार पुलिस को उसकी अंतिम लोकेशन पंजाब के संगरूर जिले में मिली।

दोनों ने पंजाब के मंदिर में शादी भी कर ली

पुलिस ने वहां से निकिता को दस्तयाब कर लिया। जांच में सामने आया कि निकिता अपने घर हार्वेस्टर चलाने वाले युवक के साथ भागी थी और दोनों ने पंजाब के मंदिर में शादी भी कर ली। इसके बाद उन्होंने पंजाब पुलिस से सुरक्षा (पुलिस प्रोटेक्शन) देने की मांग करते हुए आवेदन भी किया। वर्तमान में रायसेन पुलिस निकिता को लेकर वापस रायसेन आ रही है।

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अर्चना तिवारी का मामला

कटनी निवासी अर्चना तिवारी इंदौर के सत्कार छात्रावास में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी। बीते कुछ सप्ताह पहले रक्षाबंधन पर वह अपने घर जाने के लिए इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस के एसी कोच की बी-3 सीट पर बैठकर यात्रा कर रही थी। भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास तक वह अपनी सीट पर देखी गई, इसके बाद वह वहां नहीं मिली और उसका फोन भी बंद हो गया।

सहयात्रियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि युवती वॉशरूम जाने की कहकर सीट से उठी थी। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि वह रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर उतरी थी, लेकिन वापस ट्रेन में सवार हुई या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका। आठ अगस्त की सुबह ट्रेन के कटनी पहुंचने पर जब अर्चना तिवारी नहीं उतरी, तो उसके परिजनों ने उमरिया में रहने वाले उसके मामा को सूचना थी।

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