भोपाल में पुलिस मुख्यालय के सामने मांस से भरे ट्रक के पकड़े जाने के बाद गौमांस को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले को लेकर जय मां भवानी संगठन ने जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संगठन ने इसे सुनियोजित लापरवाही बताते हुए प्रशासन और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। इधर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कर्तव्य पालन में लापरवाही बरतने के आरोप में नगर पालिका निगम भोपाल के प्रभारी पशु वध गृह अधिकारी डॉ. बेनी प्रसाद गौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई भोपाल संभाग आयुक्त संजीव सिंह द्वारा की गई है। डॉ. बेनी प्रसाद गौर वर्तमान में पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के पद पर पदस्थ हैं और उन्हें नगर निगम भोपाल के पशु वध गृह के प्रबंधन, पर्यवेक्षण और समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर, पैदल मार्च का ऐलान

जय मां भवानी संगठन के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ता भोपाल के होटल पलाश के पास एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। संगठन ने मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च निकालने का ऐलान के बाद पुलिस ने उनको वहीं पर रोक दिया। प्रदर्शन में भोपाल के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं। महापौर मालती राय की भूमिका को लेकर भी नाराजगी देखने को मिली और उनके खिलाफ नारे लगाए गए।

15 दिन का अल्टीमेटम, बड़े आंदोलन की चेतावनी

जय मां भवानी संगठन ने सरकार और प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है। भानु हिंदू का कहना है कि यदि इस अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य आरोपी पर एनएसए लगाने और बुलडोजर कार्रवाई जैसी मांगें भी उठाईं।

जांच समिति, रासुका और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मांग

संगठन ने पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच समिति गठित करने की मांग की है, जिसमें संगठन के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। साथ ही 10 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार कर दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और कड़ी सजा की मांग की गई है। इसके अलावा रासुका लगाने, वाहन जब्त करने और अवैध संपत्तियों की जांच की मांग भी उठाई गई है।

यह भी पढ़ें-एमपी में सर्दी का डबल अटैक, पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम,उत्तरी जिलों में मावठे की संभावना

अधिकारियों पर कार्रवाई और स्लॉटर हाउस बंद करने की मांग

संगठन का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते 26.5 टन मांस से भरा ट्रक संबंधित कंपनी को सौंपा गया। इस मामले में जुड़े सभी अधिकारियों पर विभागीय जांच, निलंबन और एफआईआर में नाम जोड़ने की मांग की गई है। साथ ही भोपाल में संचालित स्लॉटर हाउस को स्थायी रूप से बंद करने और अवैध पशुवध पर सख्ती की मांग भी की गई है।

यह भी पढ़ें-जहरीले पानी के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, हो रही स्किन की बीमारी, डॉक्टर के पर्चे लेकर पहुंचे रहवासी

लैब, निगम व्यवस्था और टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल

जय मां भवानी संगठन ने मांस जांच रिपोर्ट में देरी को लेकर सवाल उठाते हुए भोपाल में आधुनिक जांच लैब स्थापित करने की मांग की है। नगर निगम की पशु प्रबंधन व्यवस्था, टोल-फ्री नंबर और मृत व बीमार गायों को उठाने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। संगठन ने संबंधित कंपनियों के टेंडर रद्द कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने और गौवंश हत्या के मामलों में लिप्त लोगों पर सख्त प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की मांग दोहराई है। संगठन ने साफ किया है कि जब तक सभी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *