मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच बुधवार को मौसम में कुछ राहत देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में सुबह के समय मध्यम कोहरा रहा, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत 15 से अधिक जिलों में दृश्यता 2 से 4 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई।सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा और अगले चार दिनों तक किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इस दौरान न तो कहीं कोल्ड वेव और न ही कोल्ड डे की स्थिति बनेगी।

Trending Videos

ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा ठंड

प्रदेश के उत्तरी हिस्से में ठंड का असर अभी भी ज्यादा बना हुआ है। बर्फीली हवाओं के सीधे प्रभाव के कारण ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड अंचल में न्यूनतम तापमान काफी नीचे चला गया है। बीती रात ग्वालियर में 6.5 डिग्री, करौंदी में 4.7 डिग्री, चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में 5.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।पचमढ़ी में पारा 5.8 डिग्री, खजुराहो में 6 डिग्री और दतिया में 6.2 डिग्री रहा।राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर और जबलपुर में 9.5 डिग्री तथा उज्जैन में 11 डिग्री दर्ज किया गया। दिन के समय भी उत्तरी जिलों में ठंडक बनी रही, जहां अधिकतम तापमान 22 से 24 डिग्री के बीच रहा।

यह भी पढ़ें-BMC बैठक में हंगामा, गोमांस विवाद पर वॉकआउट, जानें कौन सी सेवाएं हुईं सस्ती

15 जनवरी से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके असर से 2 से 3 दिन बाद मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बादल छाने और मावठा गिरने के आसार हैं, जिससे ठंड का असर एक बार फिर बढ़ सकता है।सुबह के समय कोहरे की वजह से रेल यातायात भी प्रभावित हो रहा है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस सबसे अधिक प्रभावित है, वहीं पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस समेत करीब एक दर्जन ट्रेनों की टाइमिंग बिगड़ी हुई है।

यह भी पढ़ें-भोपाल में गौमांस विवाद पर सड़क पर उतरा जय मां भवानी संगठन, स्लॉटर हाउस के डॉक्टर पर गिरी गाज

इस सीजन की रिकॉर्ड तोड़ ठंड

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस साल नवंबर और दिसंबर में ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल की सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई। जनवरी में भी ठंड का असर लगातार बना हुआ है। भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है और आगे भी ठंड और कोहरे के दौर बने रहने की संभावना है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *