ग्वालियर की खेड़ापति कॉलोनी में रहने वाले सेवानिवृत्त उप पंजीयक बिहारी लाल गुप्ता को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी गई 1.12 करोड़ की रकम जम्मू-कश्मीर, गुजरात, म …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर की खेड़ापति कॉलोनी में रहने वाले सेवानिवृत्त उप पंजीयक बिहारी लाल गुप्ता को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी गई 1.12 करोड़ की रकम जम्मू-कश्मीर, गुजरात, मुंबई और असम के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। क्राइम ब्रांच पुलिस अब खाताधारकों का डिटेल खंगाल रही है। बदमाशों ने उन्हें 16 नवंबर 2025 से तीन जनवरी 2026 तक करीब 48 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा।
घटना का क्रम और ठगों का जाल
बिहारी लाल गुप्ता परिवार में चार बेटे हैं और चारों बाहर रहते हैं और मल्टी नेशनल कंपनी में बड़े पदों पर कार्यरत हैं। यहाँ बिहारी लाल और उनकी पत्नी रहते हैं। 16 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई का अधिकारी रोहित शर्मा बताया और उनकी सिम बंद करने की धमकी दी। इसके बाद दूसरे ठग ने आईपीएस और सीबीआई अधिकारी बनकर वीडियो कॉल किया, जिसने अपना नाम नीरज ठाकुर बताया और कहा कि संदीप कुमार नामक युवक को मनी लॉन्ड्रिंग केस में पकड़ा है।
गिरफ्तारी का डर और धन का हस्तांतरण
उसने कहा कि संदीप ने दो लाख रुपये में तुम्हारा आईसीआईसीआई का बैंक खाता लिया है। बुजुर्ग को गिरफ्तारी का डर दिखाकर 1.12 करोड़ रुपए चार अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।
इन खातों में ट्रांसफर हुआ ठगी का पैसा
- 30 लाख रुपये: इंडसइंड बैंक के खाते में, पता: टाक मस्जिद के सामने, मुख्य बाजार, शोपियां, जम्मू-कश्मीर।
- 30 लाख रुपये: आईसीआईसीआई बैंक खाते में, पता: ट्रांसपोर्ट नगर, गांधीधाम, गुजरात।
- 30 लाख रुपये: इंडसइंड बैंक की दादासाहेब भडकमकर मार्ग शाखा, मुंबई।
- 22 लाख रुपये: यूको बैंक, जमुगुरीहाट, सोनितपुर शाखा, असम।
पुलिस की कार्रवाई और बयान
क्राइम ब्रांच की टीमें पता लगा रही हैं कि ठगी का पैसा कहां-कहां ट्रांसफर हुआ है और अकाउंट किन लोगों के नाम हैं। यह जानकारी जयराज कुबेर, एएसपी, क्राइम ब्रांच ग्वालियर ने दी है।
