Gwalior Cyber Fraud Case: साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह के दो अहम सदस्यों को मध्य प्रदेश की ग्वालियर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गैंग के सात सदस्य प …और पढ़ें

HighLights
- चीन और नाइजीरियाई ठगों को ‘म्यूल अकाउंट’ बेचता था ग्वालियर का यह गिरोह
- ठगी की रकम से क्रिप्टो खरीदकर बाइनेंस एप के जरिए विदेश भेजते थे आरोपी
- ‘डिजिटल अरेस्ट’ और शेयर बाजार के लालच से बचें, ठगों का बड़ा नेटवर्क सक्रिय
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह के दो अहम सदस्यों को मध्य प्रदेश की ग्वालियर पुलिस (Gwalior Cyber Fraud Case) ने गिरफ्तार किया है। गैंग के सात सदस्य पहले गिरफ्तार किए जा चुके थे। यह सभी लोग चाइना, नाइजीरिया और कैमरून में बैठे साइबर अपराधियों के संपर्क में थे और उन्हें म्यूल खाते बेचते थे। साथ ही भारत में की गई ठगी की रकम को उनके बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था करते थे। पुलिस इनसे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।
गुजरात और राजस्थान के ठग ग्वालियर से चला रहे थे नेटवर्क
दरअसल, पुलिस ने 23 दिसंबर को एक कियोस्क सेंटर में दबिश देकर गिरोह से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया था। जिनसे सघन पूछताछ की गई और उनकी निशानदेही पर ही शैलेंद्र पटेल निवासी गांधीनगर (गुजरात) और मुकेश चौधरी निवासी सिरोही (राजस्थान) को गिरफ्तार कर उनके लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए गए। दोनों ग्वालियर में रहकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे।
ठगी की रकम से क्रिप्टो करेंसी खरीदकर विदेश भेजते थे आरोपी
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपित ठगी की रकम अपने खातों में मंगवाते थे और 10 प्रतिशत कमीशन काटकर शेष राशि विदेश भेज देते थे। कई मामलों में इनका कमीशन लाखों रुपये पहुंच जाता था। एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया कि आरोपित साइबर बदमाश डिजिटल अरेस्ट, शेयर बाजार से मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों को फंसाते थे और ठगी की रकम से क्रिप्टो करेंसी (यूएसडीटी) खरीदकर बाइनेंस या अन्य एप के माध्यम से विदेश में बैठे साथियों को उनके वॉलेट पर भेजते थे।
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