मकर संक्रांति के पर्व को देखते हुए इंदौर में पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने का अभियान तेज कर दिया है। इसके साथ चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था और भी पुख्ता कर दी गई है। इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में शहर की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अपराधियों के विरुद्ध एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत हाल ही में 10 कुख्यात बदमाशों के खिलाफ सख्त दंडात्मक और प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस का मुख्य उद्देश्य शहर में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाना और आम जनता के लिए भयमुक्त वातावरण तैयार करना है। पुलिस ने शहर के प्रमुख चौराहों पर जागरूकता अभियान भी शुरू किए हैं। इसमें पुलिसकर्मी अपील कर रहे हैं कि कोई भी चाइनीज मांझे का उपयोग न करे वरना सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ वाहन चालकों को भी हेलमेट लगाने और गले में मफलर डालकर वाहन चलाने की सलाह दी जा रही है। वहीं वाहन के आगे बच्चों को न बैठाने का कहा जा रहा है। 

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तीन बदमाश जिलाबदर, सात पर हाजिरी का प्रतिबंध

पुलिस प्रशासन द्वारा प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर तीन आदतन अपराधियों को इंदौर और उसके सीमावर्ती जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर करने के आदेश दिए गए हैं। इन बदमाशों के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज थे। जिलाबदर की अवधि 6 माह से लेकर 1 वर्ष तक तय की गई है। इसके साथ ही सात अन्य बदमाशों के खिलाफ निर्बन्धन आदेश जारी किए गए हैं, जिसके तहत उन्हें नियमित रूप से संबंधित थानों में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

चाइनीज मांझे के विक्रेताओं पर कसा शिकंजा

आगामी मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने मानव जीवन और मूक पशु-पक्षियों के लिए घातक साबित होने वाले प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के भंडारण और विक्रय में लिप्त दो मुख्य आरोपियों समीर मेव और मनीष अग्रवाल के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की है। इन बदमाशों को विशेष शर्तों के अधीन पाबंद किया गया है ताकि वे भविष्य में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त न हो सकें। शहर में हाल ही में चाइनीज मांझे के कारण हुए गंभीर हादसों के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया है।

कठोर वैधानिक कार्रवाई की तैयारी

निर्बन्धन आदेश की शर्तों के अनुसार पाबंद किए गए सभी बदमाशों को निर्धारित समय पर थाने में हाजिरी देना अनिवार्य होगा। वे किसी भी तरह की अवैधानिक गतिविधियों में शामिल नहीं हो सकेंगे और उन्हें शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने का वचन देना होगा। यदि कोई भी अपराधी इन शर्तों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत और अधिक कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 

 



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