प्रदेश के नगरीय निकाय नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित एवं निर्बाध जल एवं सीवर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर शहरी क्षेत्रों में जल गुणवत्ता, जल आपूर्ति व्यवस्था तथा सीवर समस्याओं के त्वरित निराकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि रविवार 11 जनवरी तक प्रदेशभर में 1176 जल रिसाव (लीकेज) की मरम्मत की जा चुकी है। इसके साथ ही 7619 जल नमूनों की जांच पूरी की गई है, ताकि नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। जल नमूना संग्रहण कार्य में 744 सफाई मित्र एवं अमृत मित्र सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जबकि जल परीक्षण के लिए अब तक 704 व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
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आयुक्त ने बताया कि 684 ओएचटी, जीएसआर एवं सम्प की सफाई पूर्ण कर ली गई है, जिन पर ऑयल पेंटिंग के माध्यम से सफाई की तिथि और अगली प्रस्तावित सफाई की तिथि अंकित की गई है। इसके अतिरिक्त 1650 छोटे मरम्मत कार्य (माइनर रिपेयर) भी पूरे किए जा चुके हैं। जल से संबंधित कुल 293 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 284 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। वहीं सीवर लाइन लीकेज, मैनहोल ओवरफ्लो जैसी समस्याओं से जुड़ी 285 शिकायतों में से 134 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। शेष लंबित शिकायतों के शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश संबंधित निकायों को दिए गए हैं।
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स्वच्छ जल अभियान के अंतर्गत ‘जल सुनवाई’
प्रदेश में स्वच्छ जल अभियान के तहत जल सुरक्षा, जल संरक्षण एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से ‘जल सुनवाई’ की शुरुआत की गई है। इस अभियान के अंतर्गत नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर परिषदों द्वारा लगातार निगरानी एवं सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जल गुणवत्ता एवं सीवर व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। फील्ड अमला निरंतर निगरानी में रहेगा। नागरिकों से अपील की गई है कि जल या सीवर से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना निर्धारित माध्यमों से अवश्य दें, ताकि समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।