जिले में पिछले दो दिन से हो रही मूसलधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। सीप, पार्वती और चंबल नदियां उफान पर आ गई हैं। इससे जिले के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। लोगों का कहना है कि फिर से चार साल पहले आई बाढ़ की यादें ताजा हो गईं। वहीं राजस्थान के सवाईमाधोपुर, कोटा और बारां का श्योपुर से संपर्क टूट गया है। पार्वती नदी पुल को पार कर गई है, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।
वहीं, श्योपुर सवाईमाधोपुर रोड पर जेतपुर बोदल के बीच पुलिया टूट चुकी है। प्रशासन ने तुरंत लोगों को राहत कैंपों में स्थानांतरित किया है। रामधर्मशाला और नगर पालिका मैरिज गार्डन में अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं। यहां पीड़ितों को भोजन और रहने की व्यवस्था की गई है। वहीं, जिले की विजयपुर तहसील की कुवारी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ऊपर पुल पर तीन फीट तक पानी भर गया है। रण सिंह कॉलोनी और कोठारी पैलेस क्षेत्र में घरों और दुकानों में पानी घुस गया। सुपर मार्केट के पास सड़क धंस गई, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। पुल की रेलिंग टूट गई और बिजली की डीपी बह गई।
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इसके अलावा बड़ौदा कस्बे में हालात बेहद खराब है। चार से पांच फीट पानी गलियों और बाजारों में भरा है स्वास्थ्य केंद्र और बाजार स्वीमिंग पूल जैसे नजर आ रहे हैं। कई इलाकों में घर गिरने की खबरें हैं। ग्राम राडेप में एक मकान गिर गया, गनीमत रही कि उस वक्त कोई अंदर नहीं था। मानपुर थाना क्षेत्र के अस्पताल में अचानक नदी-नालों का पानी घुस आया। मरीजों और स्टाफ को घंटों फंसे रहने के बाद एसडीआरएफ ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सभी मरीजों को जिला अस्पताल शिफ्ट किया गया है। बड़ौदा और इकलौद गांवों में घरों में पानी घुस गया है और घरेलू सामान तक बह गया है। विजयपुर की सड़कों पर भारी जलभराव है, सुनवई तिराहे पर सड़क तालाब बन गई है।
दो दिन का अवकाश घोषित
इस बीच सवाई माधोपुर से श्योपुर आने वाले यात्रियों को भी सतर्क किया गया है, क्योंकि बोदल की उगाल पुलिया टूट गई है और रास्ता पूरी तरह बंद है। प्रशासन ने दो दिन के लिए सभी स्कूलों और आंगनबाड़ियों में अवकाश घोषित कर दिया है। कलेक्टर स्वयं रात में मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं।
