मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल के 25 माह पूर्ण होने आए हैं। जब उनका 2 साल का कार्यकाल पूरा हुआ था तो यह चर्चा थी कि इसके बाद मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल किया जाएगा लेकिन सूत्र बताते हैं कि खरमास होने से इसे मूर्त रूप नहीं दिया गया। अब चर्चा है कि मुख्यमंत्री 18 जनवरी को स्विट्जरलैंड यात्रा के पहले मंत्रिमंडल का फेरबदल और विस्तार कर सकते हैं।

पता चला है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पिछली मुलाकात में मुख्यमंत्री की इस बारे में चर्चा भी हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों के 2 साल के कार्यकाल की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार कर ली है। यही रिपोर्ट मंत्रियों के हटाने का आधार बन सकती है। खराब परफॉर्मेंस वाले चार मंत्रियों की छुट्टी लगभग तय मानी जा रही है। वर्तमान में मंत्रिमंडल में चार पद रिक्त हैं और चार को हटाया जा सकता है। ऐसे में आठ नए मंत्रियों की एंट्री मंत्रिमंडल में हो सकती है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मकर संक्रांति के बाद मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल होगा, किन विधायकों को मंत्री पद से नवाजा जाएगा और किनकी छुट्टी होगी।

प्रभारी नहीं लिखना पड़ा भारी- एसपी ने थमाया 26 अधिकारियों-कर्मचारियों को नोटिस

यह एक आईपीएस अधिकारी का अजीबोगरीब आदेश है, जो इन दिनों पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई 1 दिसंबर से 26 दिसंबर तक प्रशिक्षण के लिए जिले से बाहर गए थे। राज्य शासन ने उनकी अनुपस्थिति में उनका प्रभार सेनानी 18वीं वाहिनी शिवपुरी आलोक कुमार को सौंपा था। प्रशिक्षण से लौटकर एसपी मनोहर मंडलोई ने पाया कि उनके स्टेनो सहित अन्य कर्मचारियों-अधिकारियों ने फाइलों और पत्रों में आलोक कुमार को प्रभारी पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ के रूप में संबोधित नहीं किया। बस फिर क्या था! मंडलोई ने नाराज होकर इसे अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित को नोटिस जारी कर दिए। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि संबंधित अधिकारी कर्मचारी इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और आगे पुलिस मुख्यालय क्या रुख होगा!

इंदौर महापौर के 41 माह के कार्यकाल में पांच कमिश्नर

इंदौर नगर निगम महापौर पुष्यमित्र भार्गव के 41 माह के कार्यकाल में क्षितिज  सिंघल पांचवें नगर निगम कमिश्नर होंगे। भार्गव जब महापौर बने थे तब प्रतिभा पाल कमिश्नर थीं। इसके बाद हर्षिका सिंह, शिवम वर्मा और दिलीप यादव कमिश्नर रहे। अब 5वें नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल हैं। ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि आखिर इतने कम समय में कमिश्नर का तबादला क्यों हो जाता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वर्तमान कमिश्नर यहां कितने महीने तक टिकते हैं?

अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed