इंदौर में वर्ष 2026 के लिए जिले में स्थानीय अवकाशों की घोषणा बुधवार को हुई। कलेक्टर शिवम वर्मा ने इसके आदेश जारी किए है। इस बार के कैलेंडर में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव मकर संक्रांति को लेकर किया गया है। पहली बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। मकर संक्रांति को मध्य प्रदेश में धूमधाम से मनाया जाने लगा है।
प्रशासन ने दशहरे के अगले दिन यानी 21 अक्टूबर को स्थानीय अवकाश निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त दीपावली के पश्चात आने वाले भाईदूज के पर्व पर 11 नवंबर को भी जिले में छुट्टी रहेगी। देवी अहिल्याबाई होलकर की स्मृति में मनाए जाने वाले अहिल्या दिवस पर 10 सितंबर को आधे दिन का अवकाश घोषित किया गया है, जिससे सरकारी कर्मचारी और नागरिक माता अहिल्या के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। यह सभी स्थानीय अवकाश केवल इंदौर जिले की सीमाओं के भीतर ही प्रभावी रहेंगे।
आमतौर पर इंदौर में रंगपंचमी का अवकाश दिया जाता है, लेकिन इस वर्ष 8 मार्च को रंगपंचमी होने के कारण अलग से स्थानीय अवकाश की घोषणा नहीं की गई है, क्योंकि उस दिन रविवार का साप्ताहिक अवकाश पहले से ही तय है। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश शासन ने भी वर्ष 2026 के लिए सरकारी छुट्टियों का विस्तृत कैलेंडर जारी कर दिया है। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष के लिए कुल 23 सामान्य अवकाश घोषित किए हैं।
वर्ष 2026 में सरकारी कार्यालय कुल 127 दिनों तक बंद रहेंगे। इन छुट्टियों में 23 सामान्य अवकाशों के साथ-साथ 104 शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाश भी शामिल हैं। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए 63 ऐच्छिक अवकाशों का विकल्प भी रखा गया है, जिनमें से वे अपनी पसंद के अनुसार छुट्टियां चुन सकेंगे।
इस वर्ष के कैलेंडर में एक और बड़ा बदलाव गणेश चतुर्थी को लेकर है। पूर्व के वर्षों में गणेश चतुर्थी पर सामान्य अवकाश नहीं होता था, लेकिन इस बार सरकार ने इसे भी छुट्टियों की सूची में शामिल किया है। हालांकि इस वर्ष संयोग ऐसा बन रहा है कि संत रविदास जयंती, महाशिवरात्रि, दीपावली और बिरसा मुंडा जयंती जैसे महत्वपूर्ण पर्व रविवार के दिन पड़ रहे हैं।
