मध्यप्रदेश इन दिनों भीषण सर्दी और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में रात का तापमान 3 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है, वहीं सुबह होते ही प्रदेश का बड़ा हिस्सा कोहरे की चादर में लिपट जा रहा है। असर सिर्फ जनजीवन पर नहीं, बल्कि रेल और सड़क यातायात पर भी साफ दिख रहा है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें रोजाना 2 से 6 घंटे तक देरी से पहुंच रही हैं। कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है, जिससे ट्रेनों की रफ्तार घटानी पड़ रही है।

शहडोल का कल्याणपुर बना सबसे ठंडा इलाका

प्रदेश में सबसे कम तापमान शहडोल जिले के कल्याणपुर में दर्ज किया गया, जहां पारा 2.7 डिग्री तक लुढ़क गया। उमरिया, राजगढ़, शिवपुरी और रीवा जैसे इलाकों में भी ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना में तो हालात ऐसे रहे कि पौधों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ का रूप लेती नजर आईं, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है।

उत्तर एमपी में कोहरे का कहर

प्रदेश के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर विंध्य क्षेत्र तक सड़कें धुंध में गुम रहीं। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जैसे जिलों में दृश्यता बेहद कम रही।भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर और रायसेन में भी मध्यम कोहरा दर्ज किया गया।

यह भी पढ़ें-इंदौर में दूषित पानी से 20 मौतें, सीएम बोले-हम आंकड़ों में नहीं उलझेंगे, एक मौत भी हमारे लिए कष्टदायक

दिन में भी राहत नहीं, कोल्ड डे जैसे हालात

सिर्फ रात ही नहीं, दिन के तापमान ने भी लोगों को सर्दी का अहसास कराया। खजुराहो और नौगांव जैसे इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान 16 डिग्री से नीचे रहा। दतिया, रीवा, टीकमगढ़ और ग्वालियर में भी दिनभर सर्द हवाएं चलती रहीं, जिससे कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही।राजधानी भोपाल में भी दिन के समय ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी।

यह भी पढ़ें-शीतलहर और घने कोहरे से कांपा प्रदेश, शहडोल-उमरिया सबसे ठंडे, कई जिलों में विजिबिलिटी घटी

आगे और बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग के मुताबिक जनवरी में ठंड का असर इसी तरह बना रहेगा। हिमालय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) अगले 2-3 दिनों में आगे बढ़ेगा। इसके असर से पहाड़ों पर जमी बर्फ पिघलेगी और उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं तेज होंगी, जिससे मध्यप्रदेश में सर्दी और ज्यादा तीखी हो सकती है।कुल मिलाकर, प्रदेश में आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे से फिलहाल राहत के आसार कम हैं। लोगों को सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही सुबह-शाम यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *