मध्यप्रदेश और भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली वंदे मातरम जैसी आधुनिक ट्रेनों  में अब यात्रियों को पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिहाज से सुरक्षित व्यवस्था मिलने जा रही है।आईआरसीटीसी ने प्लास्टिक थालियों को हटाकर फल-सब्जियों के छिलकों, कागज और अन्य प्राकृतिक तत्वों से बनी बायोडिग्रेडेबल थालियों में भोजन परोसने का निर्णय लिया है। इस कदम से प्लास्टिक के कारण होने वाली कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी कम करने में मदद मिलेगी।

गर्म भोजन से निकलते हैं जहरीले रसायन

विशेषज्ञों के अनुसार, प्लास्टिक की थालियों में गर्म भोजन परोसने से कई बार हानिकारक रसायन भोजन में घुल जाते हैं। लंबे समय तक ऐसे भोजन के सेवन से हार्मोन असंतुलन, इम्यून सिस्टम पर असर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। रेलवे का मानना है कि बायोडिग्रेडेबल थालियों के इस्तेमाल से यह जोखिम खत्म हो जाएगा।

माइक्रोप्लास्टिक बनकर शरीर तक पहुंचता है जहर

आईआरसीटीसी के पीआरओ एके सिंह के मुताबिक, प्लास्टिक समय के साथ टूटकर माइक्रोप्लास्टिक में बदल जाता है, जो पानी, मिट्टी और भोजन के जरिए मानव शरीर में प्रवेश कर जाता है। यही माइक्रोप्लास्टिक कई गंभीर बीमारियों की जड़ माना जाता है। इसके विपरीत फल-सब्जियों के छिलकों से बनी थालियां 3 से 6 महीने में मिट्टी में मिल जाती हैं और किसी तरह का जहरीला अवशेष नहीं छोड़तीं।

पर्यावरण ही नहीं, स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर

इन थालियों के निर्माण और निस्तारण में कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम होता है, जिससे पर्यावरण पर दबाव घटता है। साथ ही, प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण और उससे जुड़ी बीमारियों पर भी रोक लगेगी।

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मार्च से होगी शुरुआत

अधिकारियों के अनुसार, योजना से जुड़े टेंडर की प्रक्रिया चल रही है और बीते डेढ़ साल से इसका परीक्षण किया जा रहा था। मार्च से इसे औपचारिक रूप से वंदे भारत, शताब्दी और बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस में लागू किया जाएगा। इससे हर महीने करीब 50 हजार एल्युमिनियम थालियों की खपत खत्म होगी और 300 किलो से ज्यादा प्लास्टिक कचरा कम किया जा सकेगा।

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रेलवे का प्लास्टिक-फ्री मिशन

भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि आईआरसीटीसी ने जन आहार और फूड प्लाजा संचालकों को भी पर्यावरण-अनुकूल सामग्री अपनाने के निर्देश दिए हैं। रेलवे पहले ही प्लास्टिक कप और थैलियों पर रोक लगा चुका है, अब यह कदम उस मुहिम को और मजबूत करेगा।



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