श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में एक और चीता शावक की मौत हो गई है। मादा चीता ज्वाला की 20 महीने की शावक मृत पाई गई। चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर ने शुरुआती जांच में मौत का कारण तेंदुए के साथ संघर्ष बताया है, हालांकि, इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। यह शावक 21 फरवरी को अपनी मां ज्वाला और तीन अन्य भाई-बहनों के साथ जंगल में छोड़ी गई थी। कुछ हफ्ते पहले यह अपनी मां से अलग हो गई थी और हाल ही में उसने अपने भाई-बहनों का साथ भी छोड़ दिया था। अधिकारियों का मानना है कि स्वतंत्र जीवन जीते हुए यह शावक शिकार या क्षेत्र को लेकर तेंदुए से भिड़ गई होगी।

मादा चीता ‘नभा’ की शिकार के दौरान मौत हो गई थी


इससे पहले भी नामीबिया से लाई गई मादा चीता ‘नभा’ की शिकार के दौरान मौत हो गई थी। अब कूनो नेशनल पार्क में कुल 25 चीते बचे हैं, जिनमें 9 वयस्क (6 मादा और 3 नर) और 16 भारतीय मूल के शावक शामिल हैं। पार्क प्रबंधन के अनुसार बाकी सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और प्राकृतिक माहौल में अच्छे से रह रहे हैं। लगातार उनकी निगरानी भी की जा रही है।

ये भी पढ़ें- MP Weather Today: मध्य प्रदेश में कोटे से अब तक 6.9 इंच ज्यादा गिरा पानी, आज कई जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट

चीता ‘साशा’ की किडनी इन्फेक्शन से मौत हुई थी

नामीबिया से लाई गई 4 साल की मादा चीता ‘साशा’ की किडनी इन्फेक्शन से मौत हुई थी। वन विभाग के अनुसार 15 अगस्त 2022 को नामीबिया में उसका ब्लड टेस्ट किया गया था, जिसमें क्रिएटिनिन का स्तर 400 से अधिक पाया गया था। इससे साफ है कि साशा को किडनी की बीमारी भारत लाने से पहले ही थी। साशा की मौत के बाद चीतों की संख्या घटकर 19 रह गई थी।

साशा की मौत के अगले ही दिन मादा चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया था। ज्वाला को भी नामीबिया से लाया गया था। इन शावकों को मिलाकर उस समय कूनो नेशनल पार्क में चीतों की कुल संख्या 23 हो गई थी।



ये भी पढ़ें- Indore Truck Accident News: इंदौर ट्रक हादसे पर प्रशासन ने घायलों को लेकर दी ये बड़ी जानकारी!


 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *