राजधानी के जयप्रकाश चिकित्सालय (जेपी अस्पताल) में मरीजों को फफूंद लगी दवाइयां दिए जाने के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को इस मामले को लेकर यूथ कांग्रेस ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस प्रदेश सचिव धनंजी गिरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में नारेबाजी की। सीएमओ की गैरमौजूदगी में उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से कांच का आईना दिखाकर स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर करने का संदेश दिया और फफूंद लगी दवा को साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया।
मरीजों की जान से खिलवाड़
धनंजी गिरी ने कहा कि जेपी अस्पताल में इस तरह की दवाइयों का मरीजों तक पहुंचना बेहद गंभीर मामला है। उनका कहना था कि अगर फफूंद लगी दवा मरीज को दी जाती, तो उसकी जान पर खतरा बन सकता था। उन्होंने सीएमओ की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेही से बच रहे हैं। साथ ही चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो यूथ कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।
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स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
एनएसयूआई नेता अमन पठान ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल, जो आम और गरीब मरीजों की आखिरी उम्मीद होते हैं, वहां इस तरह की लापरवाही पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि इलाज के नाम पर मरीजों को जोखिम में डाला जा रहा है और इस मुद्दे पर संगठन चुप नहीं रहेगा।
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भ्रष्टाचार के आरोप
यूथ कांग्रेस नेता मयंक सिंह ने इसे महज लापरवाही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का नतीजा बताया। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में इससे भी गंभीर घटनाएँ हो सकती हैं। प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस राहुल गिरी, अभय सोलंकी, प्रियंक सैकवार, अनिकेत द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
