ज्योतिष केवल भविष्य बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग प्रशासन, पुलिस और मेडिकल जैसे क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। यह बात छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहे डॉ. सुभाष अत्रे ने कही। वे राजधानी भोपाल के तुलसी नगर स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष शोध समागम में अपने विचार रख रहे थे। डॉ. सुभाष अत्रे ने बताया कि पुलिस सेवा में रहते हुए उन्होंने ज्योतिष के व्यावहारिक उपयोग को स्वयं अनुभव किया है। उन्होंने कहा कि पुराने समय में लोग जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए ज्योतिष जानने वालों के पास जाते थे और लाभ पाते थे। इसी अनुभव के आधार पर अब वे सरकार के समक्ष यह प्रस्ताव रखेंगे कि पुलिस विभाग में भी ज्योतिष का उपयोग किया जाए।

ट्विंस बच्चों पर किया शोध

डॉ. अत्रे ने बताया कि उन्होंने जुड़वा बच्चों (ट्विंस) पर गहन अध्ययन किया है और इस विषय पर शोध पत्र भी प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि एक ही माता से जन्मे जुड़वा बच्चों का भाग्य काफी हद तक समान होता है, लेकिन यदि एक ही दिन, एक ही समय और एक ही शहर में अलग-अलग माताओं से बच्चे जन्म लेते हैं, तो उनके जीवन में भी कई समानताएं देखने को मिलती हैं। विदेशों में ऐसे बच्चों को स्टार ट्विंस कहा जाता है। डॉ. अत्रे ने कहा कि भारत में भी इस विषय पर गहन शोध की आवश्यकता है, क्योंकि ग्रहों का प्रभाव जीवन की दिशा तय करता है।

हस्तरेखा से जीवन के संकेत

हरियाणा के सोनीपत से आए ज्योतिषाचार्य अमित कुमार राम ने कहा कि हस्तरेखा विज्ञान से विवाह, तलाक और जीवन की अहम घटनाओं के संकेत आसानी से समझे जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि ग्रहों की सही समझ और उपायों से कई परेशानियों का समाधान संभव है।

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गुरु अतिचारी से बदलेगा साल का मिजाज

अमित कुमार ने बताया कि इस समय गुरु ग्रह अतिचारी अवस्था में है, यानी वह सामान्य से तेज गति से चल रहा है। इसका असर पूरे साल दिखाई देगा। राजनीति और सत्ता में बड़े बदलाव हो सकते हैं। किसी का तख्त पलट सकता है तो किसी को बड़ा पद या सत्ता मिल सकती है।

देश-विदेश के शोधार्थियों की भागीदारी

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15 आईपीएस और 15 आईएएस अधिकारी हुए शामिल 

कार्यक्रम के आयोजक सुशील कुमार पांडे ने बताया कि इस समागम में देश-विदेश के शोधार्थियों ने भाग लिया। 75 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में 15 आईएएस, 15 आईपीएस और तीन आईएफएस अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अपने विचार साझा किए।



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