मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में तेज सर्द हवाओं के साथ शीतलहर का असर बने रहने की संभावना है। वहीं सोमवार तक भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, सिवनी और शहडोल में कोल्ड वेव की स्थिति बन सकती है। हवाओं की रफ्तार तेज होते ही ठिठुरन और बढ़ने की आशंका है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश व बर्फबारी हुई है। इसी के बाद पहाड़ों से चलकर आने वाली ठंडी हवाएं सीधे मध्यप्रदेश पहुंच रही हैं, जिसने पिछले दो दिनों में सर्दी को और तीखा कर दिया है।
ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग बीते दो दिनों से सबसे ज्यादा ठंड का सामना कर रहे हैं। उत्तर भारत से सीधे पहुंच रहीं हवाओं के कारण इन क्षेत्रों में दिन और रात का तापमान लगातार औसत से नीचे बना हुआ है।
शुक्रवार और शनिवार की रात इस सीजन में पहली बार तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक पहुंच गया। उमरिया में 4.8 डिग्री और राजगढ़ में 5 डिग्री दर्ज हुआ। बड़े शहरों में इंदौर 6.2 डिग्री, ग्वालियर 7.6 डिग्री और भोपाल 8.2 डिग्री तक ठंड से ठिठुरते दिखाई दिए।
दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे रहा। अधिकतर शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। बालाघाट के मलाजखंड में दिन का तापमान गिरकर 21.7 डिग्री रह गया, जो प्रदेश में सबसे कम था। कई शहरों में धूप निकलने के बावजूद ठंड का असर कम नहीं हुआ।
मौसम विभाग का कहना है कि इस साल ठंड सामान्य से ज्यादा कड़क रहेगी। भोपाल में नवंबर के दौरान 84 साल पुराना रिकॉर्ड टूट चुका है, वहीं इंदौर में 25 साल बाद इतनी तेज ठंड देखी गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक दिसंबर और जनवरी ठंड के लिहाज से निर्णायक महीने होते हैं और इस दौरान शीतलहर के साथ मावठा का प्रभाव भी देखने को मिलेगा।
