मध्यप्रदेश के कई हिस्सों सहित इंदौर में कड़ाके की ठंड से मामूली राहत तो मिली है, लेकिन कोहरे और बर्फीली हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार की सुबह इंदौर शहर घने कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया, जिसके कारण सड़कों पर विजिबिलिटी काफी कम रही। दोपहर के समय चली तेज ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। मौसम में आए इस बदलाव के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी हुई है।
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तापमान के उतार चढ़ाव का गणित
इंदौर में मौसम के आंकड़ों की बात करें तो दिन के पारे में 2.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जिससे अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर, रात के तापमान में 3.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई और यह 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस सीजन में यह पहली बार हुआ है जब दिन के समय भी रात जैसी ठंड का अहसास हो रहा है, जो मौसम विभाग के अनुसार कोल्ड डे की स्थिति को दर्शाता है।
कोहरे का ट्रेनों की रफ्तार पर असर
घने कोहरे के कारण यातायात व्यवस्था, विशेषकर रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 8 से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं। शुक्रवार की सुबह भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर की ओर जाने वाली ट्रेनें भी करीब 2 घंटे लेट रहीं। कोहरे का सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों पर पड़ा है।
आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी के महीने में प्रदेश में कड़ाके की ठंड का रिकॉर्ड रहा है। आने वाले दिनों में सर्दी और अधिक बढ़ने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाने के साथ ही शीतलहर भी चल सकती है। गुरुवार की रात पचमढ़ी प्रदेश में सबसे ठंडा इलाका रहा, लेकिन मैदानी इलाकों में भी आने वाले समय में कड़ाके की ठंड वापसी कर सकती है।
