इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण आज 15वीं जान चली गई। हर दिन के साथ लोगों की मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। वहीं मौत के आंकड़ों में विरोधाभास भी शहर के जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करता है। शहर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को इस बीमारी से 10 लोगों की मौत होने की जानकारी साझा की है। हालांकि, स्थानीय निवासियों का दावा इससे कहीं अधिक गंभीर है। क्षेत्र के लोगों के अनुसार, एक मासूम बच्चे सहित अब तक कुल 15 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके विपरीत, प्रशासन ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के दौरान केवल 4 मौतों की ही बात स्वीकार की है।

मेयर और स्वास्थ्य विभाग के दावों में अंतर

मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि आधिकारिक आंकड़ों में भले ही कम मौतें दर्ज हों, लेकिन उनके पास मौजूद जानकारी 10 मौतों की पुष्टि करती है। जब उनसे इलाके में हैजा फैलने की आशंका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इसकी तकनीकी पुष्टि केवल स्वास्थ्य विभाग ही कर सकता है। वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने माना कि मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में पानी के दूषित होने की पुष्टि हुई है, लेकिन उन्होंने रिपोर्ट के विस्तृत तथ्यों को साझा नहीं किया है।

शौचालय के नीचे लीकेज से फैला जहर

जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पेयजल पाइपलाइन में लीकेज था। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस स्थान पर लीकेज पाया गया, उसके ठीक ऊपर एक शौचालय बना हुआ था। इसी वजह से सीवेज का गंदा पानी पीने के पानी की लाइन में मिल गया, जो इस बड़े प्रकोप का मुख्य कारण बना।

अस्पतालों में बढ़ती मरीजों की संख्या

पिछले नौ दिनों के भीतर भागीरथपुरा में 1,400 से अधिक लोग उल्टी और दस्त की चपेट में आए हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 272 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 71 को छुट्टी मिल चुकी है। वर्तमान में 201 मरीज उपचाराधीन हैं, जिनमें से 32 की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू में रखा गया है।

मौत के आंकड़ों में विरोधाभास

4 मौत की जानकारी दी है प्रशासन ने हाईकोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के हवाले से।

10 मौतें हुई हैं मेयर (पुष्यमित्र भार्गव) के अनुसार।

15 मौतें हुई रहवासियों के मुताबिक (इसमें एक 6 महीने का बच्चा भी शामिल है)।

अब भी आईसीयू में जीवन का संघर्ष जारी

32 मरीज अभी भी आईसीयू में भर्ती

1,400 से अधिक लोग उल्टी-दस्त से प्रभावित हुए।

272 मरीजों को भर्ती किया गया था।

71 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।

201 मरीज अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं।

32 मरीज आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं।

1 सप्ताह से गंदे पानी का प्रकोप जारी है।



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