श्योपुर जिले के बड़ौदा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश के 305410 प्रभावित किसानों के खातों में 238 करोड़ 78 लाख रुपए की मुआवजा राशि अंतरित की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जब भी किसानों पर संकट आया है, भाजपा सरकार ढाल बनकर खड़ी हुई है। कांग्रेस की सरकारें 70 साल रहीं, पर किसान के पसीने की कीमत कभी नहीं समझीं। सीएम ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कान खोलकर सुन लें कांग्रेसी, उन्होंने चवन्नी कभी दी नहीं। हम 16 हजार प्रति हेक्टेयर का लाभ दे रहे हैं। कांग्रेस तीन हजार हेक्टेयर भी नहीं देती थी। कांग्रेस कह रही थी भावांतर का पैसा नहीं देंगे। आकर देख लो कांग्रेसी, जो कहा है वो पूरा कर दिखाया है। पप्पू और पप्पू की मम्मी की सरकार खत्म हो गई।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भगवान राम का प्रमाण मांगने वाले कांग्रेसी आज राम मंदिर जगमगाता देख रहे हैं। कांग्रेसी गोपाल कृष्ण भगवान की जय नहीं बोल सकते, बोलते ही बुखार आ जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों, गरीबों और सनातन परंपरा की वास्तविक चिंता करती है। किसान सम्मान निधि 70 साल कांग्रेस ने नहीं दी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी। मध्यप्रदेश में हमने यही राशि दोगुनी की। मुख्यमंत्री ने कहा किसान खेत में है, जवान सीमा पर है। दोनों की चिंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं। भाजपा सरकार खेत से लेकर मंडी तक किसान का हर दर्द समझती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना ने गांवों में विकास की नई क्रांति लाई। साथ ही, उन्होंने नदी जोड़ो परियोजना रोकने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा।
कांग्रेस विधायक नजरबंद
बता दें कि बड़ौदा में मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल को पुलिस प्रशासन ने गुरुवार सुबह नजरबंद कर दिया। विधायक जंडेल ने बताया कि वे मुख्यमंत्री से क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें समय नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि कांग्रेस विधायक होने के कारण पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया। कोतवाली प्रभारी सतीश चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विधायक को पाली रोड स्थित उनके प्रतिष्ठान से डिटेन किया। इसके बाद पुलिस उन्हें उनके निवास लेकर पहुंची और करीब एक घंटे तक नजरबंद रखा।
