जिले के क्वारी नदी से रविवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश हुआ। तिरपाल में लिपटा हुआ दिव्या का शव नदी की गहराई में मिला। मौके पर पहुंचे फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने शव का परीक्षण किया और प्रारंभिक जांच में सिर पर गोली लगने की पुष्टि हुई। हालांकि शव नदी में लंबे समय तक रहने से ऊतक (टिश्यू) मछलियों ने खा लिए थे, लेकिन स्कैल्प का हिस्सा सुरक्षित बचा, जिससे पुलिस को अहम सबूत मिल गया।

पिता और भाई ने मिलकर फेंका शव

जांच में सामने आया कि दिव्या की हत्या उसके पिता बंटू सिकरवार ने की थी। हत्या के बाद शव को छुपाने के लिए उसका नाबालिग भाई भी पिता के साथ गया और दोनों ने शव को नदी में फेंका। इतना ही नहीं, शव को घर से नदी तक ले जाने और छिपाने में अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है। पुलिस ने कॉल डिटेल्स और मोबाइल टावर लोकेशन से इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की तैयारी शुरू कर दी है।

मां के बदले बयान ने बढ़ाया संदेह

घटना में दिव्या की मां गुड़िया की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। पूछताछ में वह बार-बार अपने बयान बदल रही थी, जिससे पुलिस को यकीन हो गया कि मां को भी हत्या की जानकारी थी या उसने सहमति दी थी।

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हत्या के बाद घर में सफाई, रिश्तेदारों को भेजे बच्चे

हत्या के अगले ही दिन आरोपी बंटू अपने घर लौटा और घर की जमकर सफाई करवाई। मोहल्लेवालों ने जब पूछा तो कहा गया कि बुधवार शुद्धि के लिए अच्छा दिन होता है।इसके बाद दिव्या के भाई और बहन को रिश्तेदारी में भेज दिया गया। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बंटू का स्वभाव दबंग था और उसकी गांव में किसी से नहीं बनती थी। यही वजह रही कि गमी में फेरे (शोक संवेदना व्यक्त करने वाले लोग) भी केवल इक्का-दुक्का लोग ही आए।

गोपनीय चिट्ठी ने खोला राज

मामले की जानकारी पुलिस तक तभी पहुंची जब बंटू और उसके परिवार को अच्छी तरह जानने वाले एक युवक ने गोपनीय चिट्ठी लिखकर पुलिस को सूचना दी। यदि यह सूचना समय पर न मिलती तो मामला और दब सकता था।

भाई भी बना साक्ष्य मिटाने का आरोपी

दिव्या का नाबालिग भाई, जो उसी के साथ स्कूल की एक ही कक्षा में पढ़ता था, हत्या के बाद पिता के साथ शव फेंकने में गया। इस दौरान दिव्या की 12 साल की बहन भी मौजूद थी, जो अब सदमे में है। हत्या के बाद बंटू ने अपने बेटे और बेटी दोनों को रिश्तेदारी भेज दिया।

पुलिस बनी फरियादी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने समझा कि यदि परिवार फरियादी बने तो दोष सिद्ध होने पर वे बयान बदल सकते हैं।इसलिए थाना प्रभारी दर्शन शुक्ला ने खुद फरियादी बनकर मर्ग कायम किया।अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गनशॉट की पुष्टि के बाद बंटू सिकरवार पर हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है, जबकि मां, भाई और अन्य सहयोगियों पर साक्ष्य मिटाने का आरोप लगेगा।



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