खाचरौद उपजेल में मेंटेनेंस कार्य के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। गुरुवार शाम तीन विचाराधीन कैदियों ने जेल की दीवार से सीढ़ी लगाकर फरार होने में सफलता हासिल कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने फरार कैदियों के फोटो जारी कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार खाचरौद उपजेल में दुष्कर्म के मामले में भाटपचलाना थाना क्षेत्र के गांव चंदवासला निवासी नारायण पिता भेरुलाल जाट, दुष्कर्म प्रकरण में ही मालाखेड़ी निवासी गोपाल पिता बापूलाल तथा हत्या के मामले में नागदा जवाहर मार्ग निवासी गोविंद पिता आशाराम बंद थे। गुरुवार शाम तीनों कैदियों ने जेल कर्मचारियों को चकमा देते हुए एक वार्ड में रखी सीढ़ी को जेल की दीवार से लगाया और उस पर चढ़कर दीवार फांदते हुए फरार हो गए। घटना को लेकर केंद्रीय जेल अधीक्षक मनोज साहू ने बताया कि जेल के अष्टकोण हिस्से में तीनों कैदी पेंटिंग का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान वहां रखी सीढ़ी का सहारा लेकर वे फरार हो गए।
ये भी पढ़ें: Chhatarpur News: मछली के जाल में फंसने से युवक की मौत, जाल निकालते समय तालाब में डूबा, साथी पर गंभीर आरोप
खाचरौद थाना प्रभारी धनसिंह नलवाया ने बताया कि फरार कैदियों की तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमें रवाना की गई हैं। इसके अलावा कैदियों के परिजनों के यहां भी पुलिस दल भेजा गया है। जेल परिसर से लगे खेतों, आसपास के इलाकों और रेलवे स्टेशन पर भी सघन तलाश की जा रही है।
पेंटिंग के बहाने रची फरारी की साजिश
जेल में पेंटिंग का काम कर रहे तीनों कैदियों ने पूरी योजना के तहत सुरक्षा व्यवस्था को चकमा दिया। शाम के समय सभी कैदियों के बैरक में लौटने के दौरान उन्होंने भी पेंटिंग में उपयोग किए गए रंग के डिब्बे जमा कर दिए, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। इसके बाद उन्होंने पेंटिंग के लिए इस्तेमाल की जा रही सीढ़ी को दीवार के पास ही छोड़ दिया और मौका मिलते ही उसी सीढ़ी के सहारे जेल की दीवार लांघकर फरार हो गए।
फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और फरार कैदियों की तलाश तेज कर दी गई है।
