भोपाल शहरी युवा कांग्रेस में जिलाध्यक्ष पद को लेकर सियासी घमासान थमने के बजाय और तेज हो गया है। नेशनल यूथ कांग्रेस द्वारा जिस नेता को नया शहर अध्यक्ष बनाया गया, उसके खिलाफ शनिवार को कांग्रेस कार्यालय पहुंचकर महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने उस पर दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए संगठन से तुरंत हटाए जाने की मांग की। महिलाएं राहुल गांधी के नाम के बैनर लेकर कांग्रेस कार्यालय पहुंचीं और नारेबाजी करते हुए कहा कि आरोपी को संरक्षण न दिया जाए। उनका आरोप है कि जिस व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसके खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप हैं, ऐसे में उसे पद पर रखना महिला सम्मान और पार्टी की छवि दोनों के खिलाफ है।
जांच के बाद बदला गया था नेतृत्व
दरअसल, नेशनल यूथ कांग्रेस ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए भोपाल शहरी युवा कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष अंकित दुबे को हटाकर चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे अमित खत्री को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था। यह निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया। 14 नवंबर को राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति रंजन और लिलिन प्रसाद भोपाल आए थे। उन्होंने शिकायतकर्ता और पूर्व जिलाध्यक्ष दोनों पक्षों के बयान लिए, दस्तावेजों की जांच की और करीब एक हफ्ते की पड़ताल के बाद रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में अंकित दुबे के खिलाफ आपराधिक प्रकरण लंबित होने की बात सामने आने के बाद उन्हें पद से हटाया गया।
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चुनाव परिणाम के बाद शुरू हुआ विवाद
यूथ कांग्रेस के शहरी जिला चुनाव में अंकित दुबे पहले स्थान पर रहे थे, जबकि अमित खत्री दूसरे नंबर पर थे। परिणाम घोषित होते ही खत्री ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि दुबे ने नामांकन के दौरान अपने लंबित आपराधिक मामलों की सही जानकारी छिपाई है। साथ ही संगठन में अनुशासनहीनता और दबाव की राजनीति की शिकायतें भी सामने आई थीं।
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अब नए आरोपों से संकट में संगठन
अब नए नियुक्त अध्यक्ष पर महिलाओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद यूथ कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मामला सार्वजनिक होने से पार्टी के भीतर असहज स्थिति बन गई है और नेतृत्व पर जल्द फैसला करने का दबाव बढ़ता दिख रहा है।
