मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों पर पत्रकार वार्ता में कई महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में जनजातीय छात्रों के लिए शिक्षा में बड़ा विस्तार होगा। हर जनजातीय विकासखंड में सांदीपनि विद्यालय खोला जाएगा। साथ ही एकलव्य विद्यालय, माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर और बालक आदर्श आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। स्कूलों में स्मार्ट क्लास, लैब और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं बेहतर बनाई जाएंगी, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सभी तक पहुंचे। जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए श्रद्धा स्थलों का उन्नयन होगा और 86 विकासखंडों में कला भवन बनाए जाएंगे। जनजातीय कलाओं को बढ़ावा देने के लिए डिंडोरी की गोंड पेंटिंग को जीआई टैग मिला है, जबकि सात अन्य उत्पादों जैसे भील गलशन माला, पिथौरा चित्रशैली और गुड़िया के लिए प्रक्रिया चल रही है।
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मंत्री ने बताया कि पर्यटन क्षेत्रों जैसे पचमढ़ी, मांडू, कान्हा में जनजातीय महिलाओं द्वारा चलाए जाने वाले कैफेटेरिया बन रहे हैं, जो रोजगार और संस्कृति संरक्षण में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री जनमन योजना से 13 लाख से ज्यादा जनजातीय लोग लाभान्वित हो रहे हैं। दो साल में लाखों आधार कार्ड, बैंक खाते, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और आवास बनाए गए। 1.30 लाख से अधिक घर पूरे हुए, हजारों गांवों में बिजली, सड़क, पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचीं। इसके अलावा जनजातीय होमस्टे, सांस्कृतिक केंद्र और आदि वाणी ऐप जैसी योजनाएं चल रही हैं। मंत्री ने कहा कि ये प्रयास जनजातीय समाज को मजबूत बनाएंगे।
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