राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस विजयदशमी पर अपना शताब्दी वर्ष पूरा कर रहा है। इस वर्ष में संघ ने पूरे साल के लिए विभिन्न कार्यक्रम तय किए हैं। इसी क्रम में विजयदशमी पर्व पर गुरुवार को शहर में पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस दौरान शिवपुरी शहर में आर्य समाज बस्ती, जल मंदिर बस्ती और मनियर बस्ती का पथ संचलन निकाला गया।

आरएसएस के सभी स्वयंसेवक पूरी गणवेश के साथ कदमताल करते हुए इस पथ संचलन में भाग लेते नजर आए। शहर के विभिन्न मार्गों से यह पथ संचलन निकला। इस दौरान गणमान्य नागरिकों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत किया। इस पथ संचलन में करीब 1000 से अधिक संख्या में गणवेश धारी स्वयं सेवक कतारबद्ध होकर समापन स्थल पर पहुंचे। समापन स्थल पर मुख्यवक्ता के रूप में विभाग प्रचारक मनु जैन जी उपस्थित रहे । इसी क्रम में 3 अक्टूबर को कोलारस खंड के पचावली मंडल का पथ संचलन निकाला जाएगा।

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इस दौरान विभाग प्रचारक ने कहा कि जो समाज अपनी संस्कृति से कट जाता है उसका कभी भला नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हमें पुन:अपनी मूल संस्कृति व सच्चे अध्यात्म की ओर लौटना होगा, तभी सत्य सनातन वैदिक हिन्दू धर्म व संस्कृति की रक्षा होगी तथा सच्चे ईश्वर की उपासना से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि व मुक्ति की प्राप्ति होगी। सच्चे ईश्वर की उपासना के लिए आवश्यक है कि हम जाति- वर्ण के मिथ्या बंधन तोड़कर धर्म के झंडे तले एक हो जाएं। संसार में हम सब से श्रेष्ठ है लेकिन जाति- वर्ण- सम्प्रदाय ने हमारा सत्यानाश किया। उन्होंने कहा कि आइये हम उन सभी दरारों को भर दे जो अपनों के स्वार्थ व अज्ञानता और परायों के षड़यन्त्रों ने पैदा की है। हम भेदभाव और छूआछूत की दीवारें ढहा दे तथा संकल्प लें कि हम सब भारत माता की संताने है, हम सब एक है। हम सर्वप्रथम सनातनधर्मी हिंदू है, यही हमारा अस्मिता बोध है।



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