सिहोनिया थाना क्षेत्र के मोहनपुरा गांव निवासी जयसिंह तोमर की ग्वालियर ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। गौरतलब है कि पूर्व सरपंच रामकरण सिंह तोमर और उसके परिजनों ने बेरहमी से जय को लाठियों से पीटा था, जिसके बाद गंभीर हालत में उसे ग्वालियर रैफर किया गया, जहां बुधवार देर रात उसने दम तोड़ दिया। जय ने हमले से पहले ही पुलिस से अपनी जान को खतरा बताया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि अब धमकी भरे तीन ऑडियो भी सामने आए हैं।

गुरुवार दोपहर घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने एनएच-552 पर बड़ेगांव तिराहे पर चक्काजाम कर दिया और शव को सड़क पर रखकर धरने पर बैठ गए। इसके बाद से मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।

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मृतक जय तोमर के भाई विशाल तोमर ने बताया कि पूर्व सरपंच रामकरण तोमर लंबे समय से जय को धमकियां दे रहा था। ये धमकियां पुराने केस में राजीनामा कराने और शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत वापस लेने के लिए दी जा रही थीं। जय इसके लिए राजी नहीं हुआ, जिसके कारण उसकी हत्या कर दी गई। बता दें कि जय ने कई बार धमकियों की शिकायत पुलिस में की थी लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जय के ताऊ महाराज सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना देने पर सिहोनिया थाना प्रभारी मनोज ने पुलिस पार्टी भेजने की बात कही, लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंची। जय को जिला अस्पताल रैफर किया गया लेकिन पुलिस उसकी सुरक्षा में साथ नहीं गई। मुरैना अस्पताल ले जाते समय आरोपियों ने रास्ते में फायरिंग भी की। परिजनों ने मांग की कि थाना प्रभारी को हटाया जाए, आरोपियों के मकान तोड़े जाएं, हथियार लाइसेंस रद्द हों और मृतक की बीमार मां के इलाज की व्यवस्था कराई जाए।

डीएसपी मुख्यालय विजय भदौरिया ने बताया कि जय तोमर की ग्वालियर में मौत हो चुकी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।



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