मुरैना के जौरा स्थित जवाहर नवोदय हायर सेकेंडरी स्कूल में बुधवार हड़कंप मच गया।यहां कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 80 छात्रों ने पीटी टीचर की प्रताड़ना से तंग होकर खुद को हॉस्टल में बंद कर लिया। छात्रों की नाराजगी इतनी ज्यादा थी कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन के कहने पर भी दरवाजा नहीं खोला। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी। करीब 3 घंटे की समझाइश के बाद छात्र माने और गेट खोला।

घटना पगारा रोड स्थित नवोदय स्कूल की है।सुबह जब स्कूल शुरू होने का समय हुआ, तो क्लास रूम खाली पड़े थे।स्कूल प्रबंधन ने हॉस्टल जाकर देखा तो पता चला कि छात्रों ने खुद को अंदर से लॉक कर लिया है।कारण पूछने पर, छात्रों ने दो टूक कह दिया कि जब तक प्रशासन के बड़े अधिकारी नहीं आएंगे, वे न बाहर आएंगे, न किसी से बात करेंगे। छात्रों की जिद और मामला बढ़ता देख प्रबंधन ने प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी।

छात्रों ने आरोप लगाया कि पीटी टीचर आशुतोष तिवारी उनके साथ अभद्रता और मारपीट करते हैं।वे कभी भी किसी भी छात्र को पीटने लगते हैं।स्कूल प्रबंधन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा।10वीं के छात्र ने बताया कि सुबह 7 बजे हम सभी ने खुद को बंद कर कर लिया था।

पीटी टीचर मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करते हैं।हमारे इस कदम से हो सकता है, कुछ सुधार हो।वे कहते हैं कुछ हो न हो, स्कूल में अनुशासन होना चाहिए, उसकी बात हमें सही भी लगती है, लेकिन जिस प्रकार से उनका रवैया है, वह तानाशाही वाला है। यदि कोई एक सेकेंड के लिए भी लेट हुआ तो पीटने लगेंगे।धमकाते हैं कि मेरे खिलाफ कुछ कहा तो समझ लेना।

ये भी पढ़ें- Indore Diarrhea Outbreak: इलाज के बजाय आंकड़े छुपाता रहा स्वास्थ्य विभाग, आठ मौतें हुईं, पुष्टि सिर्फ तीन की

छात्र ने बताया कि पीटी में आने में दो मिनट लेट हो गया था। सर ने बहुत बुरी तरह से मारा था।उनकी प्रताड़ना से परेशान होकर हमने यह कदम उठाया था।एक छात्र ने कहा सर्दी से बचने के लिए शॉल डाल रखा था।टीचर ने उसे पीट दिया।टीचर से विवाद हुआ तो तीन बच्चों को सस्पेंड कर दिया था।हमारे पेरेंट्स आते हैं तो उन्हें भी जलील करते हैं।कहते हैं कि तुम लोग ऐसा करते हो, इसलिए बच्चे ऐसा करते हैं। हम कोई शिकायत करते हैं तो बोलते हैं कि तुम्हारा काम नहीं है, स्कूल देख लेना।सर का करना है कि लेट क्यों होते हो। भीतर जाकर देखिए, हाउस में 40 बच्चे हैं, 2 टॉयलेट होंगे तो फिर, लेट ही होंगे न।

सूचना मिलने पर जौरा एसडीएम शुभम शर्मा और एसडीओपी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाते हुए भरोसा दिलाया कि पीटी टीचर का ट्रांसफर किया जाएगा और मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *