सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर चोटों के मामलों में मरीजों की जान बचाने के लिए सबसे अहम माने जाने वाले गोल्डन ऑवर को ध्यान में रखते हुए एम्स भोपाल 30 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक एडवांस ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट प्रोवाइडर कोर्स आयोजित करेगा। इस प्रशिक्षण में डॉक्टरों को गंभीर रूप से घायल मरीजों के त्वरित आकलन और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उपचार की आधुनिक तकनीकें सिखाई जाएंगी।

आपातकालीन इलाज की गुणवत्ता होगी बेहतर

यह प्रशिक्षण अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स के प्रमाणित एटीएलएस इंडिया कार्यक्रम के तहत होगा। इसमें सड़क हादसे, ऊंचाई से गिरने, औद्योगिक दुर्घटनाओं और अन्य गंभीर चोटों के मामलों में प्राथमिकता के आधार पर इलाज करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें-इंजीनियरिंग में घटा छात्रों का रुझान: 61 हजार सीटों पर सिर्फ 31 हजार रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग का आज आखिरी मौका

मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा

एम्स के अनुसार प्रशिक्षित डॉक्टर गंभीर मरीजों की स्थिति का तेजी से आकलन कर सही समय पर जीवनरक्षक उपचार दे सकेंगे। इससे दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने और उन्हें जल्दी स्वस्थ करने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही अस्पतालों में ट्रॉमा केयर और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

यह भी पढ़ें-भोपाल से दक्षिण भारत का सफर होगा आसान: 1 जुलाई से कानपुर-मदुरै स्पेशल ट्रेन, भोपाल-इटारसी के यात्रियों को लाभ

चिकित्सकों के कौशल को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण

एम्स भोपाल का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करना और प्रदेश में बेहतर, सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह प्रशिक्षण भविष्य में गंभीर दुर्घटना पीड़ितों के उपचार को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *