इंदौर के नृसिंह बाजार चौराहे के पास एक बेजुबान घोड़ी को डंडे से बुरी तरह पीटकर जबरन नचाने का एक बेहद संवेदनशील मामला प्रकाश में आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसे देखने के बाद स्थानीय पशु प्रेमियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।

नीडीटेल फाउंडेशन ने दर्ज कराई शिकायत

पशु कल्याण और उनके अधिकारों के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम करने वाली संस्था नीडीटेल फाउंडेशन के प्रतिनिधि प्रियांश जैन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पंढरीनाथ थाना पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपकर मामले में तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज करने और बेजुबान के साथ क्रूरता करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

देर रात सड़क पर सरेआम हुआ तमाशा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम 25 जून 2026 की रात लगभग 11 बजे का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति घोड़ी को अपने नियंत्रण में रखने और उसे नचाने के लिए लगातार डंडे से उस पर प्रहार कर रहा है। बेहद दुखद पहलू यह भी रहा कि घटनास्थल पर और भी कई लोग मौजूद थे जो तमाशबीन बने रहे, लेकिन किसी ने भी आगे आकर उस व्यक्ति को रोकने या बीच-बचाव करने का प्रयास नहीं किया। इसके अतिरिक्त, इसी घोड़ी का एक और वीडियो भी सामने आया है जिसमें उसे व्यस्त सड़क पर नचाया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि घोड़ी को अत्यधिक शारीरिक दर्द देकर और डरा-धमकाकर प्रदर्शन करने के लिए विवश किया गया था।

पशु क्रूरता कानून के तहत हो सकती है बड़ी कार्रवाई

इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पुलिस जांच में यह पूरी तरह साबित हो जाता है कि घोड़ी को अनावश्यक रूप से शारीरिक पीड़ा पहुंचाई गई है अथवा उसे बेरहमी से पीटा गया है, तो यह पूरा मामला पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, 1908 की धारा 11 के तहत दर्ज किया जाएगा। इस विशेष धारा के अंतर्गत किसी भी पशु को मारना, पीटना, प्रताड़ित करना या उसे बेवजह कष्ट पहुंचाना एक गंभीर और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इसके साथ ही, यदि चिकित्सकीय जांच में पशु को गंभीर अंदरूनी या बाहरी चोट, स्थायी नुकसान अथवा अपंगता पहुंचने के प्रमाण प्राप्त होते हैं, तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 भी लागू की जा सकती है। इस नई कानूनी धारा के तहत किसी पशु को जानबूझकर घायल, अपंग या अनुपयोगी करने पर दोषी को 5 वर्ष तक के कारावास, आर्थिक जुर्माना या फिर दोनों ही सजाओं का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है।

देश में पहले भी दर्ज हो चुके हैं ऐसे मामले

उल्लेखनीय है कि देश के अलग-अलग राज्यों में पूर्व में भी पशुओं को बेरहमी से पीटने, उन्हें जबरन दौड़ाने या फिर व्यावसायिक प्रदर्शन के लिए प्रताड़ित करने के मामलों पर कानून का डंडा चला है। ऐसी घटनाओं में पुलिस द्वारा पशु क्रूरता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के अंतर्गत कड़ी प्राथमिकियां दर्ज करके आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस जांच के बाद तय होंगी सख्त धाराएं

वर्तमान में पशु प्रेमियों की यह शिकायत पंढरीनाथ थाना पुलिस तक पहुंच चुकी है। पुलिस प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की तकनीकी सत्यता और घटना के समय की परिस्थितियों की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया के दौरान यदि घोड़ी के साथ क्रूरता और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो चिन्हित किए गए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून सम्मत वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *