अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति पर होने वाले अत्याचार के मामलों में मध्यप्रदेश सरकार त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि जैसे ही एससी-एसटी से जुड़े अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं, प्रशासन तत्काल आवश्यक कदम उठाता है और पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजा भी प्रदान किया जाता है। मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री नगर सिंह चौहान ने सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल में विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के एससी-एसटी बहुल 51 जिलों में विशेष एससी-एसटी पुलिस थाने कार्यरत हैं। इसके साथ ही 51 जिलों में 53 विशेष अत्याचार निवारण न्यायालय भी स्थापित किए गए हैं, ताकि मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जा सके।

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आदिवासी छात्रों को उच्च शिक्षा में सहायता

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार आईआईटी, आईआईएम और एनआईटी में अध्ययनरत आदिवासी छात्रों की पूरी फीस का भुगतान कर रही है, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य एससी-एसटी वर्ग को न्याय, सुरक्षा और शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है और इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

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