मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने लापता युवती और युवक की तलाश के लिए यूआइडीएआइ को आधार उपयोग की सीमित जानकारी पुलिस को चार दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

HighLights
- हाईकोर्ट ने यूआइडीएआइ को सीमित आधार जानकारी देने के निर्देश दिए।
- जानकारी केवल लापता युवती और युवक की तलाश हेतु मिलेगी।
- चार दिन में एसएसपी को जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक लापता युवती की तलाश से जुड़े मामले में अहम आदेश जारी करते हुए जांच एजेंसियों को राहत दी है। अदालत ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) को निर्देश दिए हैं कि वह लापता युवती और उसके साथ लापता युवक के आधार कार्ड के उपयोग से संबंधित सीमित जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराए।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह जानकारी केवल दोनों के वर्तमान ठिकाने का पता लगाने के उद्देश्य से इस्तेमाल की जाएगी। साथ ही अदालत ने गोपनीयता बनाए रखने पर भी विशेष जोर देते हुए जानकारी के दुरुपयोग या लीक होने पर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने की चेतावनी दी है।
लापता युवती की तलाश में हाईकोर्ट का अहम आदेश
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक लापता युवती की तलाश के मामले में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण को युवती और उसके साथ लापता युवक के आधार कार्ड के उपयोग से संबंधित सीमित जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि यह जानकारी केवल दोनों के ठिकाने का पता लगाने के उद्देश्य से उपयोग की जाएगी।
पुलिस ने आधार उपयोग की जानकारी मांगी
- शैलेन्द्र कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि लापता युवती और युवक आशीष शर्मा की तलाश की जा रही है। जांच एजेंसी ने अनुरोध किया था कि आधार कार्ड का अंतिम बार कब और कहां उपयोग हुआ, इसकी जानकारी मिलने से खोजबीन में मदद मिल सकती है।
चार दिन में जानकारी देने के निर्देश
- खंडपीठ ने यूआइडीएआइ को निर्देश दिए कि वह केवल आधार कार्ड के उपयोग से संबंधित सीमित जानकारी चार दिन के भीतर ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को उपलब्ध कराए।
- अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह जानकारी केवल एसएसपी या एसआईटी प्रमुख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजावल जग्गा तक सीमित रहेगी और किसी अन्य व्यक्ति से साझा नहीं की जाएगी। हाईकोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि जानकारी लीक होती है तो संबंधित पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदार माना जाएगा।
3 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई 2026 को होगी। साथ ही पुलिस को केस डायरी और लापता युवती को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
