मध्य प्रदेश में नौ दिन की देरी से पहुंचे मानसून ने पहले ही दिन कई जिलों को तरबतर कर दिया। बुधवार को मानसून ने बालाघाट, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा और बुरहानपुर के रास्ते प्रदेश में प्रवेश किया, जिसके साथ ही भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, नीमच, शाजापुर, बड़वानी और हरदा समेत कई जिलों में बारिश का दौर शुरू हो गया। मानसून के आगमन के साथ राजधानी भोपाल में कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जबकि रायसेन में शाम के समय झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। उज्जैन में दिनभर की उमस के बाद रिमझिम फुहारों ने लोगों को राहत पहुंचाई। इंदौर में भी शाम होते-होते मौसम बदला और तेज बारिश दर्ज की गई।

इन जिलों में जमकर बरसे बादल

नीमच जिले के मनासा, रामपुरा, कुकड़ेश्वर और जन्नौद क्षेत्र में जोरदार बारिश हुई। शाजापुर में 10 से 15 मिनट तक तेज बारिश का दौर चला। बड़वानी में गरज-चमक और तेज हवाओं के बीच करीब आधे घंटे तक बारिश होती रही। हरदा और डिंडौरी में मानसून की पहली बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई। खरगोन के झिरन्या, पीपलझोपा और भीकनगांव क्षेत्रों में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई।

पांढुर्णा में दो इंच बारिश, खेतों में बढ़ी रौनक

पांढुर्णा में करीब दो इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जिसके बाद किसानों ने कपास और मक्का की बुवाई शुरू कर दी। बैतूल और खंडवा में भी मानसून की आधिकारिक एंट्री के साथ कृषि गतिविधियां तेज होने लगी हैं। किसान अब लगातार अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए हुए हैं।

24 घंटे में 39 जिलों में आंधी-बारिश

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 39 जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, ग्वालियर, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सतना और अनूपपुर सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर रहा। बालाघाट में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।

अभी भी बारिश का इंतजार

मानसून के प्रवेश के बावजूद प्रदेश के सभी हिस्सों में राहत नहीं पहुंची है। दमोह में अब तक मानसून सक्रिय नहीं हुआ है, जबकि ग्वालियर में तेज धूप और उमस से लोग परेशान रहे। हालात ऐसे रहे कि प्रशासन को प्रमुख चौराहों पर फाउंटेन स्प्रिंकलर चलाने पड़े।

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सामान्य से 53 प्रतिशत कम बारिश

मानसून की देरी का असर पूरे जून महीने में दिखाई दिया। एक जून से अब तक प्रदेश में औसतन 78.5 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 37.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो सामान्य से 53 प्रतिशत कम है। कम बारिश के कारण सोयाबीन समेत खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों में मानसून पूरे प्रदेश में फैल जाएगा और वर्षा गतिविधियों में तेजी आएगी।



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