मालवा प्रांत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सालाना गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया है। शताब्दी वर्ष की शुरुआत संघ ने इंदौर से की थी और अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक नवंबर में इंदौर में होगी। इस बैठक को संघ की ‘दिवाली बैठक’ कहा जाता है। दिवाली बैठक में भाग लेने के लिए संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत सप्ताहभर के लिए इंदौर प्रवास पर रह सकते हैं। उनके अलावा संघ के लगभग डेढ़ सौ पदाधिकारी इसमें हिस्सा लेंगे।
इसी वर्ष अक्टूबर में विजयदशमी के दिन संघ के शताब्दी समारोहों का समापन होगा। इंदौर की बैठक में शताब्दी समारोह के कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही संगठन के विस्तार और अनुषांगिक संगठनों के कामकाज की भी समीक्षा होगी।
यह बैठक तीन दिन चलेगी, लेकिन इसके लिए डॉ. मोहन भागवत सप्ताहभर या उससे अधिक दिनों तक इंदौर में रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों से विस्तार से चर्चा करेंगे।
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले की मौजूदगी में प्रदेश भाजपा के संगठन तथा सरकार के कामकाज की अनौपचारिक समीक्षा भी की जा सकती है।इसके अलावा, संघ का शीर्ष नेतृत्व 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा के विधानसभा चुनावों के संदर्भ में भाजपा नेताओं से चर्चा कर सकता है।मध्य प्रदेश में प्रांत व्यवस्था समाप्त कर संभागीय व्यवस्था लागू की गई है। इसकी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। इसे देश के अन्य राज्यों में लागू करने पर भी चर्चा हो सकती है।
