ग्वालियर के हजार बिस्तर अस्पताल की धर्मशाला जल्द पूरी क्षमता से शुरू होगी। नई संस्था के संचालन में 250 बिस्तरों, सस्ती आवासीय सुविधा और भोजन की व्यवस्…और पढ़ें

HighLights
- धर्मशाला अब 250 बिस्तरों की क्षमता के साथ चलेगी।
- ईओआई प्रक्रिया पूरी, संचालन के लिए संस्था का चयन।
- फिलहाल लायंस क्लब 48 बिस्तरों का संचालन कर रहा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। हजार बिस्तर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजन के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से सीमित क्षमता में संचालित धर्मशाला अब अपनी पूरी क्षमता के साथ शुरू होने जा रही है। इसके तहत 250 बिस्तरों की सुविधा मरीजों के परिजन को उपलब्ध हो सकेगी। धर्मशाला संचालन के लिए एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट (ईओआइ) के तहत आमंत्रित निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में एक संस्था का चयन किया गया, जो धर्मशाला का संचालन करेगी। प्रशासनिक और कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही संस्था संचालन का कार्य संभाल लेगी। वर्तमान में धर्मशाला का अस्थायी संचालन लायंस क्लब द्वारा किया जा रहा है।
क्लब दे रहा निश्शुल्क आवासीय सुविधा
- क्लब की ओर से मरीजों और उनके परिजन को निश्शुल्क आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। फिलहाल तीन मंजिला भवन में केवल 48 बिस्तरों का उपयोग हो रहा है, जबकि चयनित संस्था के माध्यम से इसकी पूरी 250 बिस्तरीय क्षमता का लाभ लोगों को मिल सकेगा।
- कागजी कार्रवाई पूरी होते ही एक संस्था को धर्मशाला संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वर्तमान में लायंस क्लब अस्थाई तौर पर धर्मशाला में 48 बिस्तर के संचालन की प्रक्रिया संभाल रहा है। डा. सुधीर सक्सेना, अधीक्षक, जेएएच
बजट के अभाव में नहीं हो पा रहा था संचालन
गौरतलब है कि हजार बिस्तर अस्पताल की डीपीआर में धर्मशाला के लिए फर्नीचर की व्यवस्था शामिल नहीं थी। फर्नीचर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन पर थी, लेकिन चिकित्सा शिक्षा विभाग से बजट स्वीकृत नहीं होने के कारण धर्मशाला लंबे समय से पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी थी।
न्यूनतम दर पर मिलेंगी सुविधाएं
नई व्यवस्था के तहत संस्था न्यूनतम दरों पर ठहरने की सुविधा के साथ भोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेगी। इससे दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजन को सस्ती और सुविधाजनक आवासीय व्यवस्था मिल सकेगी।
यह होगा फायदा
अस्पताल की लैब को एनएबीएल की मान्यता मिलने से यहां होने वाली जांचों की रिपोर्ट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य होगी। इससे मरीजों को अस्पताल की जांच रिपोर्ट पर अधिक भरोसा होगा और यह सुनिश्चित होगा कि यहां की लैब किसी भी कारपोरेट अस्पताल की लैब जितनी ही गुणवत्तापूर्ण है।
