कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व ने इंदौर संगठन में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। इसके तहत नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे को उनके पद से मुक्त कर दिया गया है। पार्टी ने चिंटू चौकसे के स्थान पर पार्षद सोनिला मिमरोट को नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की नई जिम्मेदारी सौंपी है। इस बदलाव के बाद चिंटू चौकसे अब केवल शहर कांग्रेस अध्यक्ष के दायित्व का ही निर्वहन करेंगे।
पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जारी किए आदेश
चिंटू चौकसे को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने संबंधी आधिकारिक आदेश मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा सोमवार को जारी किए गए। गौरतलब है कि चिंटू चौकसे लंबे समय से शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नगर निगम नेता प्रतिपक्ष दोनों ही महत्वपूर्ण पदों की दोहरी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। संगठन के काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
नई नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट की पृष्ठभूमि
नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट इंदौर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 45 से कांग्रेस की निर्वाचित पार्षद हैं। वह शहर में होने वाले विभिन्न जनहित के विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल होती रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने नगर निगम के बजट सत्रों के दौरान भी अपनी बात को हमेशा मजबूती से रखा है।
नई जिम्मेदारी पर सोनिला मिमरोट का बयान
बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद सोनिला मिमरोट ने कहा कि चिंटू चौकसे ने अपने कार्यभार को हमारे साथ साझा किया है। उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में विपक्ष की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इंदौर शहर की स्थानीय जनसमस्याओं को सरकार के समक्ष सही ढंग से उठाना और उनका निराकरण करवाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती है।
दोहरे कार्यभार से मिली मुक्ति
चिंटू चौकसे पिछले काफी समय से संगठन और निगम दोनों स्तरों पर दो दायित्वों को संभाल रहे थे। सोमवार रात मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आधिकारिक पत्र जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के अनुमोदन के बाद इंदौर नगर पालिक निगम में नेता प्रतिपक्ष के पद पर चिंटू चौकसे के स्थान पर सोनिला मिमरोट की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से की जाती है।
