जिले के नागौद क्षेत्र स्थित हरदुआ विद्युत उपकेंद्र में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक आउटसोर्स कर्मचारी नौकरी से हटाए जाने के विरोध में विद्युत उपकेंद्र की ऊंची संरचना पर चढ़ गया। कर्मचारी ने कार्रवाई वापस नहीं लेने पर आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी दी, जिसके बाद पुलिस, प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों को घंटों तक समझाइश और रेस्क्यू प्रयास करने पड़े।
जानकारी के अनुसार आउटसोर्स ऑपरेटर अजय वर्मा का आरोप है कि कुछ समय पहले आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में कटौती की गई थी, जिसका कर्मचारियों ने विरोध किया था। उनका कहना है कि पहले से ही सीमित वेतन में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए यह कटौती आर्थिक संकट खड़ा कर रही है। अजय वर्मा ने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। उनके अनुसार कुछ कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है, जबकि कुछ का दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानांतरण कर दिया गया है। उनका दावा है कि यह कार्रवाई कर्मचारियों की आवाज दबाने के उद्देश्य से की जा रही है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान अजय वर्मा ने कार्यपालन अभियंता पल्लव स्वर्णकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों द्वारा किए गए विरोध का बदला लिया जा रहा है और बिना स्पष्ट कारण बताए कर्मचारियों को सेवा से बाहर किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अजय वर्मा विद्युत उपकेंद्र की ऊंची संरचना पर चढ़ गए और चालू विद्युत लाइन के करीब पहुंच गए। इससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बन गई। स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद कर्मचारी और स्थानीय लोग भी दहशत में आ गए। कुछ ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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घटना की सूचना मिलते ही नागौद पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कर्मचारी से लगातार बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया। साथ ही उसके परिजनों को भी मौके पर बुलाया गया ताकि उसे सुरक्षित नीचे उतारा जा सके। अधिकारियों की प्राथमिकता किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और कर्मचारी की जान बचाना रही। काफी देर तक चली समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी रहे।
इस घटना ने एक बार फिर आउटसोर्स कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों, वेतन और रोजगार सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से वेतन, सेवा शर्तों और नौकरी की स्थिरता से जुड़ी समस्याएं उठाते रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में इस तरह के विरोध प्रदर्शन और बढ़ सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन और विभागीय अधिकारी पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं। कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों और विभागीय कार्रवाई की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। हरदुआ विद्युत उपकेंद्र में हुआ यह हाई-वोल्टेज ड्रामा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
