मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से बारिश का संकट गहराता जा रहा है। सामान्य तिथि से करीब एक सप्ताह देरी होने के कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में वर्षा का बड़ा घाटा दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के 25 जून तक प्रदेश में पहुंचने की संभावना है। तब तक प्री-मानसून गतिविधियां ही मौसम का मिजाज तय करेंगी। रविवार को इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, शहडोल समेत 37 जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, विदिशा, रायसेन और आसपास के जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश की कमी

मानसून की देरी का सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश पर दिखाई दे रहा है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में बारिश का आंकड़ा औसत से लगभग 30 प्रतिशत नीचे है। प्रदेश के 55 में से 45 जिले सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में पहुंच गए हैं। अलीराजपुर ऐसा जिला है जहां अब तक बारिश का खाता भी नहीं खुला है, जबकि भोपाल में सबसे अधिक करीब 4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

आंधी-बारिश से तापमान में राहत

शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवा और बारिश का दौर चला। उज्जैन में सबसे ज्यादा 2.4 इंच वर्षा दर्ज की गई, जबकि भोपाल में 1.3 इंच पानी गिरा। इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, सीहोर और धार के पीथमपुर में भी अच्छी बारिश हुई। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई। भोपाल का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस, इंदौर 35.2 डिग्री, उज्जैन 35 डिग्री और ग्वालियर 39.6 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि जबलपुर में पारा अभी भी 40.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।

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खरीफ सीजन पर असर, किसान इंतजार में

मानसून की देरी का असर खेती-किसानी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में किसान सोयाबीन, उड़द, मूंग और तुअर जैसी खरीफ फसलों की बुवाई शुरू नहीं कर पाए हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित बोवनी के लिए कम से कम 4 इंच बारिश जरूरी है, ताकि खेतों में पर्याप्त नमी बन सके।

15 जून की जगह अब 25 जून का इंतजार

आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार इसकी चाल बेहद धीमी रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून फिलहाल दक्षिण भारत से आगे बढ़ रहा है और 23 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंच सकता है। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश की संभावना है।

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आज इन जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, झाबुआ और अलीराजपुर समेत 37 जिलों में मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवा की चेतावनी जारी की है।

 



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