उज्जैन के बड़नगर क्षेत्र मे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। यहां एक गांव में ग्रामीणों ने मरम्मत सड़क को कागज की तरह मोड़कर इसका वीडियो वायरल कर दिया। घटिया निर्माण का मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने इस ओर ध्यान दिया और इस निर्माण की जांच शुरू हो गई। 

मामला बड़नगर तहसील स्थित ग्राम पीपलू और ग्राम दोतरू मार्ग स्थित प्रधानमंत्री मार्ग की मरम्मत का है। यहां करीब 8 साल पहले प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क बनाई गई थी। हालांकि सड़क जर्जर होने पर हाल ही में इसे मरम्मत कर नया बनाया गया, लेकिन निर्माण इतना घटिया हुआ कि ग्रामीणों ने सड़क को हाथ से ही मोड़ दिया। साथ ही नहीं इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया। 

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मरम्मत के नाम पर की गई इस लीपापोती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें साफ नजर आ रहा है कि सड़क की डामर परत इतनी कमजोर है कि ग्रामीण उसे बिना औजार, सिर्फ हाथों से उखाड़ रहे हैं। हाथों से सड़क उखड़ने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया है। जब वीडियो मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के अफसरों तक पहुंचा तो वे सीधे मौके पर पहुंचे। 

सांसद अनिल फिरोजिया बोले – ऐसी लीपापोती अब नहीं चलेगी

मामला उजागर होते ही सांसद अनिल फिरोजिया ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसी लीपापोती अब नहीं चलेगी। सांसद ने स्पष्ट किया कि सरकार से सड़क निर्माण की राशि एक बार मिलती है और अगली मरम्मत का प्रावधान वर्षों बाद होता है। घटिया काम का मतलब है ग्रामीणों को लंबे समय तक बदहाल सड़क झेलने को मजबूर करना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुणवत्ताहीन सड़कों को किसी भी सूरत में स्वीकार न किया जाए। 

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पूर्व सरपंच ने यह आरोप लगाए 

दोतरू गांव के पूर्व सरपंच दशरथ जायसवाल ने खुलकर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत कराए गए मरम्मत कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उनका कहना है कि सड़क पहले से जर्जर थी, उस पर केवल दिखावटी परत चढ़ाकर भुगतान निकाल लिया गया।

जिला पंचायत सीईओ ने बैठाई जांच

हाथ से प्रधानमंत्री सड़क उखड़ जाने के मामले का वीडियो देख जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कुमट ने जांच बैठाई है। जांच समिति में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की कार्यपालन यंत्री अंजली धाकड़, एमपीआरडीसी के प्रबंधक नितिन करोड़े, लोक निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारी प्रफुल्ल जैन को शामिल किया है। समिति से तीन दिन में निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट चाही है।



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