प्रस्तावित 10 लेन सड़क परियोजना के तहत नयापुरा सेंट्रल जेल क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रभावित परिवारों के हितों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों के साथ गरीब और श्रमिक परिवारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अतिक्रमण हटाने की जानकारी मिलते ही मंत्री सारंग मौके पर पहुंचे और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नगर निगम, राजस्व एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को पहले वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराई जाए, उसके बाद ही अन्य कार्रवाई की जाए।
ये भी पढ़ें- MP: ‘महाकाल की कृपा रही तो इसी सत्र में होगा पार’, यूसीसी विधेयक को लेकर सीएम मोहन यादव ने दिए संकेत
पुनर्वास के बाद ही आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश में आधारभूत संरचना का विकास आवश्यक है, लेकिन किसी भी गरीब परिवार को इसकी कीमत पर बेघर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों को सम्मानजनक तरीके से पुनर्वासित किया जाए और उन्हें नई जगह बसाने में प्रशासन हर संभव सहयोग करे।
ये भी पढ़ें- MP News: मध्य प्रदेश में UCC पर CM Mohan Yadav ने कर दिया बड़ा एलान, कब आएगा बिल?
शिफ्टिंग के लिए मिलेगा पर्याप्त समय
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि परिवारों को स्थानांतरण की तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। साथ ही एनएचएआई और संबंधित विभागों को शिफ्टिंग प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को कहा गया।
ये भी पढ़ें- MP News: महाराणा प्रताप के आदर्शों से बनेगा विकसित मध्यप्रदेश, CM यादव बोले-जल्द तैयार होगा महाराणा प्रताप लोक
निवास क्षेत्र के आसपास ही मिलेगी जमीन
मंत्री सारंग ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों को उनके वर्तमान निवास क्षेत्र के आसपास ही भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और दैनिक जीवन पर प्रतिकूल असर न पड़े। उन्होंने पुनर्वास प्रक्रिया को मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण से पूरा करने पर जोर दिया। मंत्री सारंग के हस्तक्षेप के बाद क्षेत्र के रहवासियों और प्रभावित परिवारों ने राहत व्यक्त की। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित होने से उनके सामने उत्पन्न होने वाला आवास और आजीविका का संकट टल गया।
