इंदौर के भागीरथपुरा बस्ती में दूषित पानी की जलापूर्ति की वजह सामने आ गई। बस्ती तक जाने वाली वितरण लाइन पर निगम ने सार्वजनिक शौचालय बना दिया था। दूषित पानी का रिसाव खोज रहे अफसरों को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने जेसीबी से खुदवाया। शौचालय का पानी नर्मदा लाइन में मिल रहा था। जिसे ठीक करने का काम शुरू हो गया।

 

निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव ने कहा हमने मुख्य लीकेज को खोज कर उसे दुरुस्त कर दिया है, लेकिन अन्य लाइनों में भी हम सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेंगे। पूरी लाइन को देखा जा रहा है। बता दें कि तीन दिन में बस्ती में बीमारी की वजह से पांच मौतें हो चुकी है। परिजनों के अनुसार ये भी उल्टी, दस्त के शिकार थे।

60 टैंकर कर रहे जलवितरण

बस्ती में 60 टैंकरों को पेयजल वितरण के काम में लगाया गया है। लोगों से कहा गया है कि वे नल के पानी को उबाल कर सेवन करे,या फिर टैंकरों से पानी भरे। बुधवार सुबह भी अफसरों की टीम दौरा करेगी और जलापूर्ति के समय पानी को देखेगी। 

मुख्य ड्रेनेज लाइन के लिए खुदाई

बस्ती में मुख्य ड्रेनेज लाइन के लिए खुदाई की गई। पाइप बिछाया भी गया है, लेकिन अभी वह चार्ज नहीं की गई है। इस कारण पूरी बस्ती में ड्रेनेज लाइन चोक होने की समस्या है।

वहीं, इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा भागीरथपुरा के दूषित पानी से बीमार लोगों से मिलने पहुंचे। कलेक्टर ने लोगों का हालचाल जाना। चाचा नेहरु अस्पताल और एमवाय अस्पताल जाकर मरीजों से मिलें। इस दौरान परिजनों को आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।



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