एक भाई का सहारा बनना चाहता था, दूसरा माता-पिता की उम्मीदों का केंद्र था। …और पढ़ें

Publish Date: Mon, 15 Jun 2026 09:14:47 AM (IST)Updated Date: Mon, 15 Jun 2026 09:15:16 AM (IST)

तिघरा डैम हादसा: बुझ गए दो घरों के चिराग, इकलौते आयुष का शव देख बेसुध हुए माता-पिता; गोपाल का सपना भी टूटा
एसडीआरएफ की टीम तिघरा डैम से आयुष का शव निकाल लाई। हादसे की रात गोपाल का शव मिल गया था।

HighLights

  1. पिकनिक मनाने तिघरा डैम गए थे GRMC के 8 छात्र
  2. 20 घंटे के रेस्क्यू के बाद मिला शव
  3. लाड़ले गोपाल की मौत से परिवार सदमे में

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। तिघरा डैम हादसे ने न केवल दो होनहार जीआरएमसी के मेडिकल छात्रों की जान ली, बल्कि उन पिताओं के बुढ़ापे का सहारा और मांओं के कलेजे के टुकड़े को भी हमेशा के लिए छीन लिया। रविवार को जब पोस्टमार्टम हाउस पर दोनों छात्रों के शव पहुंचे, तो हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

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छात्र गोपाल को श्रद्धाजंलि देते साथी छात्र व पास खड़े जेएएच अधीक्षक।

भाई का सहारा बनने का सपना नहीं कर सका पूरा

मृतक छात्र गोपाल अग्रवाल (निवासी बीना) के जीजा प्रदीप अग्रवाल ने रुंधे गले से बताया कि गोपाल अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था। छोटा होने के कारण वह पूरे परिवार का लाड़ला था। गोपाल के डाक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए उसका पूरा परिवार आस लगाए बैठा था। पिता कोई काम नहीं करते थे, इसलिए बड़े भाई पीयूष अग्रवाल गोपाल की पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रहे थे। गोपाल अक्सर भावुक होकर कहता था भैया, आप मेरे लिए इतनी मेहनत कर रहे हो, मैं डाक्टर बनकर आपका सहारा बनूंगा और पूरे परिवार के दिन बदल दूंगा।

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आयुष की मां को सहारा देकर ले जाते छात्र।

इकलौते बेटे का शव देख मां हुई बेसुध

एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र आयुष श्रीवास्तव (निवासी मुजफ्फरपुर, बिहार) का परिवार जैसे ही रविवार को ग्वालियर पहुंचा, पोस्टमार्टम हाउस का मंजर देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा। आयुष अपने पिता राजेश श्रीवास्तव का इकलौता बेटा था। बुढ़ापे के एकमात्र सहारे और आंखों के तारे का बेजान शरीर सामने देख माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। मां बार-बार आयुष का नाम पुकारते हुए बेसुध हो जा रही थीं। जैसे ही उन्हें होश आता, वह रोते हुए एक ही जिद करती, मेरा आयुष कहां है, मुझे मेरे बेटे से मिलना है, उसे बुला दो।

उल्लेखनीय है कि तिघरा बांध पर पिकनिक मनाने के दौरान डूबे एमबीबीएस छात्र आयुष श्रीवास्तव का शव रविवार की दोपहर मिल गया। 20 घंटे से एसडीआरएफ की टीम रेस्क्यू आपरेशन चला रही थी। दोपहर करीब दो बजे शव पानी में उतराता मिल गया। वहीं दूसरे छात्र गोपाल अग्रवाल के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद स्वजन के सुपुर्द कर दिया था। गजराराजा मेडिकल कालेज से एमबीबीएस कर रहे चार छात्र और चार छात्राएं शनिवार को कक्षा खत्म होने के बाद तिघरा बांध पर पिकनिक मनाने गए थे।



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