दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों के साथ पत्थरबाजी भी हुई। पीड़ित पक्ष के अशोक सिकरवार का आरोप है कि वे अपने खेत में झटका मशीन लगा रहे थे, इसी बात को लेकर उनके साथ मारपीट की गई। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे थाने शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। वहीं इस पूरे मामले पर देवगढ़ थाना प्रभारी ने पीड़ित पक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
अर्जुन पुरा निवासी अशोक सिकरवार अपने खेत में आवारा पशुओं से बचाव के लिए तार फेंसिंग कर रहे थे।इसी बात पर गांव के ही प्रताप गुर्जर, बबलू गुर्जर और धीरज गुर्जर ने आपत्ति जताई। सुबह विवाद बढ़ा तो गुर्जर पक्ष ने पथराव शुरू कर दिया। जवाब में सिकरवार पक्ष ने भी पत्थर फेंके।उस वक्त मामला शांत हो गया, लेकिन शाम होते-होते धीरज गुर्जर ने अपने 25-30 साथियों को बुला लिया और अशोक के घर पर धावा बोल दिया।
भीड़ ने घर में घुसकर अशोक सिकरवार और उनकी पत्नी गुड्डी सिकरवार को लाठियों से पीटा। परिवार के अन्य सदस्यों ने खुद को घर के अंदर बंद कर अपनी जान बचाई। आरोपियों ने घर के बाहर खड़े ट्रैक्टर और बाइक में भी तोड़फोड़ की। इस पूरी घटना का वीडियो परिवार ने घर के अंदर से बना लिया। घायल अशोक सिकरवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिस प्रताप गुर्जर पर वे मारपीट का आरोप लगा रहे हैं, वह कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना का मीडिया प्रभारी है।
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अशोक का आरोप है कि थाना प्रभारी जयपाल गुर्जर भी आरोपियों के सजातीय हैं। इसलिए दबाव में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अशोक ने बताया कि विवाद सात दिन से चल रहा था, जब वे थाने गए तो टीआई ने आवेदन लेने से मना कर दिया था और समझौता कराने की बात कही थी, लेकिन सुरक्षा नहीं दी।
देवगढ़ थाना प्रभारी जयपाल सिंह गुर्जर ने आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि खेत में फेंसिंग को लेकर विवाद है और दोनों तरफ से पथराव हुआ है। अशोक सिकरवार मुझसे पहले कभी नहीं मिले और न ही आवेदन दिया। टीआई ने कहा कि मैंने वीडियो देखा है, जिसमें पथराव हो रहा है। दोनों पक्षों के लोग घायल हैं। अशोक सिकरवार एफआईआर में जिन लोगों के नाम लिखवाना चाहते हैं, वह सही नहीं l इसलिए अभी एफआईआर नहीं हुई है।आज दोनों पक्षों को फिर बुलाया है।
