मुरैना जिले के हेतमपुर और घेर रेलवे स्टेशनों के बीच रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद घबराए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। इसके बाद कुछ यात्री ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक पर आ गए और दूसरी लाइन पर आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।

हादसे में तीन महिलाओं और एक मासूम बच्चे समेत कुल चार लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई अन्य यात्री घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

जानकारी के मुताबिक, उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस ग्वालियर से मुरैना की ओर जा रही थी। इसी दौरान किसी यात्री ने डिब्बे में आग लगने की बात कही, जिससे बोगी में अफरातफरी मच गई। घबराए यात्रियों ने आपातकालीन चेन खींचकर ट्रेन रोक दी और कई लोग नीचे उतर गए। इसी दौरान पास की लाइन पर धौलपुर की ओर से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस वहां पहुंच गई और कुछ यात्री उसकी चपेट में आ गए।

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घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और मुरैना पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया तथा मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। मृतकों की पहचान करने और उनके परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है।

इस हादसे के चलते दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा। कई ट्रेनों को रास्ते में रोका गया, जबकि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गईं। बाद में ट्रैक को क्लियर कर रेल यातायात सामान्य किया गया।

रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ट्रेन में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का मानना है कि अफवाह के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस और रेलवे की टीमें सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। 



क्या बोले डीआरएम?


झांसी रेल मंडल के डीआरएम अनुरुद्ध कुमार के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां रेलवे ट्रैक पर मोड़ होने के कारण यात्रियों को सामने से आ रही ट्रेन दिखाई नहीं दी। प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह आग लगने की अफवाह के बाद हुई चेन पुलिंग और यात्रियों का ट्रैक पर उतरना सामने आया है। यह हादसा केवल एक रेल दुर्घटना नहीं, बल्कि अफवाह, दहशत और जल्दबाजी का दर्दनाक परिणाम है, जिसने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं।



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