सहायक कुलसचिव कुलदीप सिंह चौहान की शिकायत पर विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर …और पढ़ें

HighLights
- नौ जून को काली स्याही से लिखी गईं थी आपत्तिजनक बातें
- रोकने पर सुरक्षाकर्मियों को दी चेतावनी
- सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने एनएसयूआई छात्रनेता राजवंश पंडित के खिलाफ मामला दर्ज किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का आरोप है कि आरोपित ने प्रशासनिक भवन में घुसकर अधिकारियों के कक्षों और सरकारी संपत्ति पर आपत्तिजनक शब्द लिखे, जिससे कर्मचारियों में भय का माहौल बन गया और शासकीय कार्य प्रभावित हुआ।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, नौ जून को शाम करीब 4:40 बजे प्रशासनिक भवन स्थित सहायक कुलसचिव (प्रशासन) कुलदीप चौहान के कक्ष क्रमांक 110 के दरवाजे पर काली स्याही से आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखी गईं। शिकायत में कहा गया है कि ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा प्रहरी ने आरोपित को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने चेतावनी की अनदेखी करते हुए अन्य कार्यालयों और बाहर रखी अलमारी पर भी आपत्तिजनक शब्द लिखे। आरोप है कि उसने स्वयं को “किंग” बताते हुए कर्मचारियों के बीच भय का वातावरण बनाने की कोशिश की।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि घटना के दौरान कई कर्मचारी अपना काम छोड़कर बाहर आ गए, जिसके कारण कार्यालयीन कार्य बाधित हुआ। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी उन कक्षों तक पहुंच गया, जहां विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे और जहां सामान्य व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित है। सहायक कुलसचिव कुलदीप सिंह चौहान की शिकायत पर विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और घटना से जुड़े वीडियो भी उपलब्ध कराए हैं।
पहले भी दर्ज हो चुकी है एफआईआर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि राजवंश पंडित का नाम पूर्व में दर्ज एक अन्य प्रकरण में भी सामने आ चुका है। शिकायत के अनुसार, पहले विश्वविद्यालय में कार्यरत रहे एक कर्मचारी सुनील सिंह चौहान से जुड़े आगजनी प्रकरण में भी विश्वविद्यालय की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
