धार्मिक नगरी उज्जैन में इन दिनों श्रीराम कथा की रसधारा बह रही है। मशहूर रामकथा वाचक राजन जी महाराज दशहरा मैदान पर रोज कथा कर रहे हैं। यह कथा यजमान अजीत गुप्ता द्वादश ज्योतिर्लिंगों में श्रीराम कथा कराने के संकल्प का हिस्सा है। इसी संकल्प के चलते महाकाल की नगरी से अधिकमास में कथा की शुरुआत की जा रही है।

अमर उजाला से विशेष बातचीत में राजन महाराज ने कहा कि इस बार समय कम होने से कथा में ज्यादा दिन नहीं रुक सका। लेकिन जब 12 ज्योतिर्लिंगों पर कथा पूर्ण हो जाएगी, तब 13वीं कथा बाबा महाकाल को सुनाने जरूर आऊंगा। उन्होंने कहा कि महाकाल की नगरी में सब कुछ महा है। यहां बाबा स्वयं विराजमान हैं, इसीलिए सब कुछ दिव्य है।

सिंहस्थ महाकुंभ में भी होंगे शामिल

राजनजी महाराज ने बताया कि वे आगामी सिंहस्थ महाकुंभ में भी उज्जैन आएंगे। उन्होंने कहा मुझे मेरे गुरु जी ने राम जी की अनुभूति कराई, उसके बाद से ही मैं श्रीराम कथा कह रहा हूं। रामचरितमानस को बिना गुरु और मानस जी की कृपा के नहीं कहा जा सकता।

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युवाओं का सनातन की ओर बढ़ना स्वर्णिम युग

वर्तमान समय को लेकर उन्होंने कहा कि यह स्वर्णिम युग है, जिसमें युवा सनातन की ओर बढ़ रहे हैं। जो धर्म के मूल से जुड़ा रहेगा, उसका समूल बचा रहेगा। आज घर बैठे सब कुछ सुलभ हो रहा है, यही कारण है कि अब युवा भी धर्म की ओर अग्रसर हैं।

भगवान राम राजनीति से ऊपर

राजनीति में राम नाम के उपयोग पर उन्होंने कहा कि राम जी राजनीति से बहुत ऊपर हैं। राम का नाम यदि किसी के काम आ रहा है तो यह अच्छी बात है। जो भी हो, इसी बहाने राम जी का नाम लोगों के मुख से निकल रहा है।

कथा का क भी नहीं जानता था लेकिन प्रभु राम ने मुझे जीवन जीने की दिशा दिखलाई

मशहूर रामकथा वाचक राजन महाराज का जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। वे बचपन में डॉक्टर बनने का सपना देखते थे, उन्होंने भाइयो के साथ मिलकर ट्रेन के छोटे-मोटे पार्ट्स बनाने की फैक्ट्री चलाई, आज वही राजन महाराज देशभर मे श्रीराम कथा सुना रहे हैं। महाराज जी ने बताया कि मैं कथा का ‘क’ भी नहीं जानता था। ना कभी सपने में सोचा था कि कथावाचक बनूंगा। हम तो डॉक्टर बनना चाहते थे, लेकिन बाद में बिजनेस से जुड़ गए। भाई के साथ मिलकर फैक्ट्री चलाई। कारोबार बहुत अच्छा चलता था। लेकिन फिर जिंदगी ने ऐसी करवट ली कि सब राममय हो गया। राजनजी महाराज बताते हैं कि भगवान राम से ऐसी लगन लगी कि महाराज श्री द्वारा उनकी अनुभूति करवाने के बाद मैंने श्रीराम कथा की शुरुआत की। आज भी उनकी भक्ति में लीन होकर इसी कथा का गुणगान कर रहा हूं। श्री राम ही सनातन हैं। उन्ही ने जीवन की दिशा बदल दी।

श्री राम कथा करते राजन जी महाराज

श्री राम कथा करते राजन जी महाराज

 

श्री राम कथा करते राजन जी महाराज

श्री राम कथा करते राजन जी महाराज

 



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