रात करीब 11 बजे बीना निवासी गोपाल अग्रवाल का शव मिल गया। बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी आयुष श्रीवास्तव की तलाश चल रही थी। …और पढ़ें

HighLights
- ग्वालियर में दर्दनाक हादसा
- चार छात्राओं सहित छह दोस्तों के साथ गए थे पिकनिक मनाने
- एसडीआरएफ की टीम ने चलाया सर्चिंग आपरेशन
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गजराराज मेडिकल कालेज से एमबीबीएस कर रहे दो छात्र तिघरा डैम में डूब गए। दोनों चार छात्राओं सहित छह सहपाठियों के साथ पिकनिक मनाने गए थे। तिघरा डैम के प्रतिबंधित क्षेत्र में नहाने के दौरान पैर फिसलने से गहरे पानी में चले गए और अपने दोस्तों के सामने ही डूब गए। रात करीब 11 बजे बीना निवासी गोपाल अग्रवाल का शव मिल गया। बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी आयुष श्रीवास्तव की तलाश चल रही थी।
घटनास्थल पर बैठे डीन धाकड़ व एसएसपी धर्मवीर सिंह और मृतक छात्र गोपाल अग्रवाल,बीना और आयुष श्रीवास्तव मुजफ्फरपुर बिहार। -नईदुनिया
घटना की जानकारी मिलने पर जीआरएमसी डीन डॉक्टर आरकेएस धाकड़ सहित मेडिकल कालेज प्रबंधन के अन्य अधिकारी और जूनियर डाक्टर मौके पर पहुंचे। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम की मदद से सर्चिंग आपरेशन चलाया जा रहा है।
आयुष और गोपाल थे रूम पार्टनर
कालेज के रविशंकर हास्टल में रहने वाले द्वितीय वर्ष के छात्र आयुष और गोपाल रूम पार्टनर थे। ऋषभ सुराना और अरिहंत श्रीवास्तव व चार छात्राओं के साथ पिकनिक मनाने दोपहर में तिघरा डैम पर पहुंच गए थे। यहां पहले आगे की तरफ नहा रहे थे, फिर डैम के प्रतिबंधित कच्ची पारा क्षेत्र में पहुंच गए। यहां गहराई करीब 200 से 250 फीट तक है। सभी नहाने के लिए उतर गए। आयुष और गोपाल का अचानक पैर फिसला और दोनों गहरे पानी में चले गए।
मदद के लिए जब कोई नहीं आया तब सीनियर छात्रों को बताया
साथियों ने बचाने का प्रयास किया लेकिन दोनों इनके सामने ही डूब गए। सहपाठी घबरा गए। मदद के लिए वहां काफी आवाज लगाई, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। इसके बाद उन्होंने अपने सीनियरों को फोन कर घटना की जानकारी दी। सीनियर छात्रों ने जीआरएमसी प्रबंधन को घटना से अवगत कराया इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। तिघरा थाना प्रभारी शिवराम कंसाना फोर्स के साथ पहुंचे। पहले गांव वालों की मदद से ढूंढा, तब तक एसडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई।
सुरक्षा पर सवाल
तिघरा डैम का फाइल फोटो।
वर्षा में लुभाता है तिघरा, पर चूक पड़ जाती है जानलेवा
तिघरा डैम खासकर वर्षा के दिनों में पिकनिक के लिए लोगों की पसंदीदा जगह है, पर यहां थोड़ी सी चूक जानलेवा बन जाती है। इसकी मुख्य वजह यहां पानी की गहराई का अचानक बदलना व नीचे कीचड़ और पत्थर होते हैं। 90% हादसे लापरवाही और मुझे कुछ नहीं होगा वाले एटीट्यूड से होते हैं। ऐसे में यहां सावधानी बरतने की जरूरत है।
- जहां बैरिकेडिंग और नो स्वीमिंग बोर्ड लगे हों, वहां से आगे मत जाओ। गहरे हिस्से का कोई अंदाजा नहीं लगता।
- नशे में और खाना खाकर तुरंत पानी में मत उतरो, ऐसे में बैलेंस और रिफ्लेक्स दोनों कमजोर हो जाते हैं। हादसे ज्यादातर इसी वजह से होते हैं।
- तिघरा में किनारा फिसलन भरा है। बच्चे खेलते-खेलते फिसल जाते हैं। हमेशा हाथ की दूरी पर रखो।
- चट्टानों, बांध की दीवार और बहाव वाले एरिया पर चढ़कर सेल्फी फोटो लेते समय एक फिसलन और सीधे गहरे पानी में।
