शिविरों में प्राप्त आवेदनों का विश्लेषण बताता है कि उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी परेशानी बिजली बिलों को लेकर है। …और पढ़ें

HighLights
- बिजली कंपनी के दावों की खुली पोल
- ग्वालियर शहर में लगे 22 शिविर
- 316 शिकायतों में से 163 सिर्फ बिल संशोधन से जुड़ीं
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भले ही अपनी सेवाओं को हाईटेक और बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द है। कंपनी द्वारा शहर वृत्त में आयोजित ‘संपर्क अभियान’ के शिविरों ने साफ कर दिया है कि उपभोक्ता आज भी सबसे ज्यादा परेशान गलत और भारी-भरकम बिजली बिलों से हैं। शहर के विभिन्न अंचलों में लगाए गए 22 शिविरों में अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे कुल 316 उपभोक्ताओं में से आधे से अधिक लोग सिर्फ बिल सुधरवाने के लिए ही आए।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए 22 शिविरों में कुल 316 उपभोक्ताओं ने आवेदन प्रस्तुत किए। इनमें से 118 मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों के निराकरण के लिए अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का विश्लेषण बताता है कि उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी परेशानी बिजली बिलों को लेकर है।
कुल 316 आवेदनों में से 163 आवेदन बिल संशोधन संबंधी रहे यानी आधे से अधिक उपभोक्ता गलत या अधिक राशि के बिलों को लेकर शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। इसके अलावा 116 आवेदन भुगतान संबंधी समस्याओं के थे। इस तरह कुल 279 आवेदन सीधे तौर पर बिलिंग और भुगतान व्यवस्था से जुड़े रहे। इससे स्पष्ट है कि उपभोक्ताओं और बिजली कंपनी के बीच सबसे बड़ा विवाद अब भी बिलों की सटीकता और भुगतान प्रक्रिया को लेकर है।
तकनीकी और सेवा संबंधी शिकायतें भी सामने आईं
शिविरों में मीटर व सर्विस केबल से जुड़ी 11 शिकायतें प्राप्त हुईं। वहीं कनेक्शन और नाम परिवर्तन से संबंधित दो आवेदन आए। तकनीकी सेवाओं से जुड़ी 24 शिकायतें भी दर्ज की गईं, जिनमें बिजली आपूर्ति, लाइन संबंधी समस्याएं और अन्य तकनीकी मुद्दे शामिल रहे।
कंपनी का फोकस राजस्व और उपभोक्ता संतुष्टि पर
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार संपर्क अभियान का उद्देश्य उपभोक्ता सहभागिता को मजबूत करना, बिलिंग एवं राजस्व संग्रहण की दक्षता बढ़ाना, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों को कम करना और कंपनी की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाना है। बिजली कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि ऐसे शिविरों से उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र में ही समाधान मिल रहा है और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया भी तेज हुई है।
संपर्क अभियान का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं और कंपनी के बीच विश्वास को मजबूत करना भी है। इसी कारण अधिकांश मामलों में मौके पर समाधान का प्रयास किया गया। -गगन देव कुमार उप महाप्रबंधक, नगर संभाग केंद्रीय।
