इंदौर के साउथ तुकोगंज इलाके में स्थित मधुर गर्ल्स हॉस्टल में दूषित खाना परोसे जाने को लेकर परिजनों और छात्राओं ने भारी विरोध जताया है। यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब इस हॉस्टल में रहने वाली करीब 10 से 15 छात्राओं की तबीयत अचानक एक के बाद एक बिगड़ने लगी। हॉस्टल में रह रही छात्राओं ने मेस के खाने की गुणवत्ता पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें दिए जाने वाले भोजन में नियमित रूप से कीड़े-मकोड़े और लंबे-लंबे बाल मिल रहे हैं। इस पूरी घटना से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिसके बाद अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित परिजन तुरंत हॉस्टल परिसर पहुंचे और वहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया। हॉस्टल परिसर में हुए इस भारी हंगामे और आक्रोश के बाद शनिवार को खाद्य विभाग की एक विशेष टीम मेस की जमीनी हकीकत की जांच करने के लिए मौके पर पहुंची। इसके साथ ही पीड़ित छात्राओं और परिजनों द्वारा सीएम हेल्पलाइन में इस मामले की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद तत्काल प्रभाव से मेस के संचालन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

जांच में खुली पोल, खाद्य विभाग ने मेस को कराया बंद

प्रशासनिक टीम द्वारा की गई शुरुआती जांच के दौरान मेस के भीतर साफ-सफाई और बुनियादी खाद्य सुरक्षा मानकों में बेहद गंभीर स्तर की लापरवाही और कमियां पाई गईं। इन सुरक्षा मानकों की अनदेखी को देखते हुए खाद्य विभाग की टीम ने मेस को तत्काल प्रभाव से सील करते हुए बंद करा दिया है। इसके अलावा अधिकारियों की टीम ने मेस की रसोई में इस्तेमाल किए जा रहे आटा और घी के खाद्य नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें विस्तृत वैज्ञानिक जांच और विश्लेषण के लिए राजधानी भोपाल स्थित केंद्रीय प्रयोगशाला (लैब) भेज दिया गया है। इस पूरे संवेदनशील मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए जिले के कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट कहा है कि हॉस्टलों में रहने वाली छात्राओं को पूरी तरह से स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

प्रबंधन ने झाड़ा पल्ला, कहा छात्राएं बाहर से मंगा रही थीं खाना

सामने आ रही विस्तृत जानकारी के अनुसार पिछले बीते एक सप्ताह के भीतर कई छात्राओं की तबीयत इस कदर बिगड़ गई कि परिजनों को उन्हें शहर के अलग-अलग निजी अस्पतालों में ले जाकर भर्ती कराना पड़ा, जहां उनका इलाज चल रहा है। दूसरी तरफ इस पूरे मामले में हॉस्टल प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी से साफ तौर पर पल्ला झाड़ता हुआ नजर आ रहा है। हॉस्टल प्रबंधन का इस संबंध में दावा है कि जिन भी छात्राओं की तबीयत खराब हुई है, वे सभी बाहर से ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से खाना मंगाकर खा रही थीं। प्रबंधन ने अपने बचाव में तर्क दिया है कि हॉस्टल की मेस में नियमित रूप से भोजन करने वाली बाकी सभी छात्राएं पूरी तरह से स्वस्थ हैं और मेस के खाने में कोई खराबी नहीं है।

चावल में सिगरेट के टुकड़े और गटर के पास रसोई

हॉस्टल की पीड़ित छात्राओं ने वहां के हालातों की रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई बयां की है। छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल परिसर में जहां रोजाना खाना बनाया जाता है, उसके ठीक पास ही एक खुला हुआ चेंबर यानी गटर मौजूद है। इस भारी गंदगी, बदबू और मक्खियों के बीच ही रसोइया बेहद अस्वास्थ्यकर तरीके से खाना तैयार करता है। छात्राओं ने प्रबंधन पर बेहद गंभीर और परेशान करने वाले आरोप लगाते हुए कहा कि हम पिछले एक महीने से इस हॉस्टल में नरक जैसा जीवन झेलने को मजबूर हैं। हमारे खाने में से अक्सर रेंगते हुए कीड़े निकल रहे हैं। हद तो तब हो गई जब दो अलग-अलग बार खाने वाले चावल के अंदर से सिगरेट के जले हुए टुकड़े (बड्स) पाए गए। रोज के खाने में कंकड़, पत्थर और सिर के बाल मिलना तो अब एक बेहद आम बात बन चुकी है। छात्राओं का यह भी आरोप है कि जब भी कोई लड़की इस बेहद खराब व्यवस्था की शिकायत लेकर प्रबंधन के पास जाती थी, तो उनसे बात सुनने के बजाय लाइव सबूत और वीडियो दिखाने की मांग की जाती थी।

छात्राओं को हुआ लिवर और आंतों का गंभीर इन्फेक्शन

अस्पताल में भर्ती छात्राओं ने डॉक्टरों द्वारा तैयार की गई अपनी मेडिकल रिपोर्ट को दिखाते हुए बताया कि हॉस्टल में मिलने वाले गंदे और दूषित पानी के सेवन के कारण एक छात्रा के गले में बेहद गंभीर स्तर का इन्फेक्शन हो गया। इस इंफेक्शन की वजह से उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे तुरंत गोकुलदास अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अब वह लड़की अपनी सुरक्षा के लिए बाहर से पैसों के जरिए कैंपर का साफ पानी मंगाकर पीने को मजबूर है। पीड़ित लड़कियों का आरोप है कि हॉस्टल की कई छात्राओं को पिछले तीन-चार दिनों से लगातार पेट में मरोड़ और उल्टियां हो रही हैं। हॉस्टल में वर्तमान में रह रही कई लड़कियों की मेडिकल जांच में डॉक्टरों ने गंभीर लिवर इन्फेक्शन, पेट के निचले हिस्से में असहनीय दर्द और आंतों में फैले इन्फेक्शन की पुष्टि की है, जिसके चलते सभी छात्राएं बेहद डरी और सहमी हुई हैं।

हॉस्टल में दूषित पानी की सप्लाई का भी लगा आरोप

छात्राओं ने खाने के साथ-साथ हॉस्टल प्रशासन पर दूषित पानी की सप्लाई करने का भी एक और बड़ा आरोप लगाया है। हॉस्टल की लड़कियों का साफ तौर पर कहना है कि पिछले कई दिनों से हॉस्टल के नलों और पीने के वाटर कूलर में बेहद गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। छात्राओं ने रोते हुए प्रशासन से गुहार लगाई है कि यह लगातार मिल रहा अत्यधिक गंदा खाना और बेहद खराब पानी उनकी सेहत पर बहुत बुरा असर डाल रहा है, जिससे उनकी जान को खतरा पैदा हो गया है और वे अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रही हैं।



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