उज्जैन के नागदा शहर की जन्मेजय कॉलोनी में सोमवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने अज्ञात कारणों के चलते अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। परिजन युवक को मृत समझ बैठे थे, लेकिन संयोग से उसी समय रात्रि गश्त पर निकले नागदा थाना प्रभारी की तत्परता से युवक की जान बच गई।

घटना नागदा के जन्मेजय मार्ग स्थित पानी की टंकी के पास की है। सोमवार रात करीब डेढ़ बजे थाना प्रभारी निरीक्षक अमृतलाल गवली क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान एक बुजुर्ग उनके पास पहुंचे और घबराए हुए स्वर में बताया कि उनके बेटे ने फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही टीआई गवली बिना देरी किए युवक के घर पहुंचे।

घर के कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था, जिसे पुलिस ने तत्काल तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे में युवक फांसी पर लटका मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निरीक्षक अमृतलाल गवली ने पुलिस प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई सीपीआर  सीपीआर तकनीक का तुरंत उपयोग किया। कुछ ही देर में युवक की सांसें लौट आईं।

इसके बाद टीआई गवली युवक को अपने सरकारी वाहन से तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उपचार शुरू किया। चिकित्सकों ने बताया कि समय पर सीपीआर मिलने के कारण युवक की जान बच सकी और फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर है।

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डीजीपी ने किया थाना प्रभारी का सम्मान

मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने निरीक्षक अमृतलाल गवली, थाना प्रभारी नागदा, जिला उज्जैन द्वारा प्रदर्शित तत्परता, साहस, संवेदनशीलता एवं उच्च स्तरीय दक्षता को सराहते हुए उन्हें ₹10,000 की नगद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया है। पुलिस विभाग द्वारा जारी प्रशस्ति में कहा गया है कि निरीक्षक गवली की त्वरित कार्रवाई और मानवीय दृष्टिकोण के कारण एक युवक का जीवन सुरक्षित किया जा सका, जो पुलिस सेवा के मूल उद्देश्य का उत्कृष्ट उदाहरण है।



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