मध्य प्रदेश में रहने के लिए आवंटित मकानों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों को लेकर हाउसिंग बोर्ड सख्त हो गया है। उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, बड़नगर और नागदा में ऐसे करीब 250 मकान मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिन्होंने आवासीय मकानों में दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित कर रखे हैं। बोर्ड ने उन्हें 22 जून तक व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने का अंतिम मौका दिया है। निर्धारित समय सीमा तक नियमों का पालन नहीं करने पर लीज निरस्त करने सहित अन्य कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मप्र हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन खुद मैदान में उतर आए। बोले गलत तो गलत है, पर जब टीएंडसीपी ने 12, 18, 24 मीटर सड़कों के किनारे जमीन को कमर्शियल कर ही दिया है, तो लोग धंधा क्यों न करें? सरकार कैबिनेट से नियम लाए। हम लीज रेंट और कमर्शियल टैक्स लेकर इसे लीगल करेंगे। ये मामला सीधे सीएम डॉ मोहन यादव के सामने रखूंगा।
15 जून को ऑन द स्पॉट न्याय
ओम जैन ने ऐलान किया कि 15 जून को उज्जैन में हाउसिंग बोर्ड का मेगा शिविर लगेगा। वहीं शिकायत सुनेंगे, वहीं निपटारा करेंगे। नए नियम की जरूरत पड़ी तो उसकी फाइल भी वहीं बनेगी।
तीन नोटिस होंगे जारी
अभी 250 को नोटिस दिया जा चुका है। उज्जैन की 12 कॉलोनियों में अकेले 36 लोग रडार पर हैं। 3 बार नोटिस, फिर सीधा लीज निरस्त। भोपाल मुख्यालय से आदेश आ चुका है। अफसर घर-घर सर्वे कर रहे हैं।
पहले आप वाली नीति लागू
कॉलोनी काटते वक्त टीएंडसीपी से पास नक्शे में घर, स्कूल, पार्क और दुकान की जगह फिक्स थी। अब लोगों ने पूरे घर को ही शोरूम बना दिया। कॉलोनी की सूरत बिगड़ रही है। डर ये है कि टीएंडसीपी खुद हाउसिंग बोर्ड को ही नोटिस न थमा दे। इसलिए बोर्ड अब पहले आप वाली नीति पर आ गया है।
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हाउसिंग बोर्ड भी कार्रवाई के दायरे में आ सकता
मप्र हाउसिंग बोर्ड ने टीएंडसीपी से नक्शा पास कराने के बाद ही कॉलोनी कटाई है। आवासीय, स्कूल, गार्डन व व्यावसायिक समेत लिए जगह तय की है। आवासीय क्षेत्र में व्यवसाय होने से अमृत नक्शे का उल्लंघन होगा और इसे अमल कराने वाला हाउसिंग बोर्ड भी टीएंडसीपी की कार्रवाई के दायरे में आ जाएगा। ऐसे में विभाग भवनों की लीज निरस्त की तैयारी में है।
